मोतिहारी | जन सुराज अभियान के तहत मोतिहारी पहुंचे प्रशांत किशोर ने मंगलवार (10 फरवरी 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सियासी और आपराधिक, दोनों मुद्दों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने संसद में विपक्ष की आवाज दबाने को लेकर केंद्र सरकार को घेरा, तो वहीं बिहार में न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
1. “राहुल गांधी को बोलने का हक, माइक बंद करना गलत”
प्रशांत किशोर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बचाव किया है।
- तर्क: PK ने कहा, “देश ने सिर्फ सत्ता पक्ष को नहीं, बल्कि विपक्ष को भी चुना है। राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उन्हें संसद में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।”
- नियम: उन्होंने कहा कि अगर भाषण में कोई बात तथ्यात्मक रूप से गलत है, तो उसे रिकॉर्ड (Proceeding) से हटाया जा सकता है। लेकिन किसी को बोलने से ही रोक देना लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
2. NEET छात्रा कांड: “बड़े लोगों को बचाने का खेल?”
PK ने जहानाबाद की NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में भी बड़ा खुलासा किया।
- शक: उन्होंने आशंका जताई कि इस केस में ‘बड़े लोग’ (Influential People) शामिल हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश हो रही है।
- वादा: प्रशांत किशोर ने कहा, “ऐसा लग रहा है कि जांच को भटकाया जा रहा है। हम लोग पीड़ित परिवार के साथ हैं और बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
मायने: प्रशांत किशोर अक्सर कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन संसद में बोलने के अधिकार पर उनका राहुल को समर्थन देना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।


