पटना।पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार को पीड़िता के परिजनों के साथ पटना एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उनके साथ मृतका के पिता, मामा, मामी, चाचा और भाई मौजूद थे।
इस मुलाकात का उद्देश्य दो प्रमुख बिंदुओं पर पुलिस प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराना था—पहला, प्रारंभिक जांच में लापरवाही के आरोप और संबंधित जांच अधिकारी पर कार्रवाई की मांग, और दूसरा, घटना के विरोध में प्रदर्शन करने वाले लोगों पर दर्ज प्राथमिकी में नरमी बरतने की अपील।
SIT गठन पर सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार द्वारा SIT का गठन यह दर्शाता है कि शुरुआती जांच में कहीं न कहीं चूक हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि परिवार का आरोप है कि मामले की जांच कर रही महिला पदाधिकारी के रवैये से वे असंतुष्ट हैं और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का विरोध
पीके ने कहा कि कारगिल चौक पर हुए धरना-प्रदर्शन के बाद जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उन पर कड़ी कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है।
“जब सरकार खुद मान रही है कि जांच में कमी रही, तब आवाज उठाने वालों को अपराधी बनाना उचित नहीं है,” उन्होंने कहा।
इस संबंध में एसएसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगी और प्रदर्शनकारियों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
“पीड़ित परिवार को दबाया नहीं जा सकता”
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीड़ित परिवार कमजोर नहीं है और उसे न्याय दिलाने के लिए जन सुराज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि SIT की रिपोर्ट आने के बाद यदि परिवार संतुष्ट नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “हमारा एक ही उद्देश्य है—पीड़िता को न्याय मिले।”
इस दौरान वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना, सुभाष कुमार कुशवाहा, रामबली चंद्रवंशी, जेपी सिंह, मनीष कश्यप, सर्वर अली सहित कई लोग मौजूद रहे।


