
पटना, 24 मार्च 2026। बिहार पुलिस में चालक सिपाही के 4,361 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से 12 मार्च से 24 मार्च तक राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह राजकीय उच्च विद्यालय (पटना हाई स्कूल) में यह परीक्षा आयोजित की गई।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी
इस परीक्षा में कुल 14,628 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें 14,189 पुरुष और 439 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। पीईटी के लिए पहले चरण की लिखित परीक्षा के आधार पर 15,516 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था।
10 कार्यदिवसों में हुआ आयोजन
परीक्षा का आयोजन कुल 10 कार्यदिवसों में किया गया, जिसमें 9 दिन पुरुष और 1 दिन महिला अभ्यर्थियों की परीक्षा ली गई। इस दौरान उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता और माप से जुड़े सभी परीक्षण पूरे किए गए।
तकनीक के जरिए पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा
परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया।
- अभ्यर्थियों की पहचान के लिए फोटो, बायोमेट्रिक और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल किया गया
- दौड़ की टाइमिंग मापने के लिए RFID और सेंसर आधारित तकनीक अपनाई गई
- अन्य शारीरिक परीक्षणों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कर मानवीय हस्तक्षेप को कम किया गया
इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रही।
कदाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई
परीक्षा के दौरान 21 ऐसे लोगों की पहचान की गई, जिन्होंने दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने या अन्य अनियमित गतिविधियों की कोशिश की। इनमें 4 अभ्यर्थी भी शामिल थे।
इस मामले में गर्दनीबाग थाना में 4 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 4 अभ्यर्थियों को जेल भेजा गया है। अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।
परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध
परीक्षा के दौरान 55 पुरुष अभ्यर्थियों को चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता पड़ी, जिन्हें मौके पर ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
जल्द जारी होगी अंतिम मेरिट सूची
केंद्रीय चयन पर्षद ने बताया कि पीईटी के बाद अब अंतिम मेधा सूची तैयार की जाएगी और जल्द ही भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा।
निष्कर्ष: बिहार पुलिस में चालक सिपाही भर्ती के लिए आयोजित यह परीक्षा पारदर्शिता और तकनीकी व्यवस्था का एक उदाहरण बनी है। सख्त निगरानी और आधुनिक तकनीक के उपयोग से न केवल कदाचार पर लगाम लगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी मजबूत हुई है। अब अभ्यर्थियों की नजर अंतिम परिणाम पर टिकी है, जो जल्द जारी होने की उम्मीद है।


