मिनी ट्रक में सवार होकर कोलकाता से भागलपुर पहुंचे मजदूरों, पुलिस ने पकड़कर जाँच के लिए भेजा अस्पताल

 

 

कोलकाता से मिनी ट्रक पर लादकर 35-40 के करीब लोगों को भागलपुर और दरभंगा पहुंचाया जा रहा था। इस दौरान कचहरी चौक पर जब मिनी ट्रक को रोककर जांच की गयी तो अंदर में सामान के बदले सिर्फ लोग दिखे। इन लोगों ने न तो मास्क पहन रखा था और न ही कोई सुरक्षा का मानक था। एक-दूसरे से सटकर बैठे लोग कोलकाता से अपने घर जा रहे है।

ट्रक चालक से जब पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि रोजगार खत्म होने की वजह से ड्राइवर और मजदूरों को उसके घर पहुंचा रहे है। कचहरी चौक पर मौजूद पुलिस ने मेडिकल जांच कराने का निर्णय लिया। इसके बाद तिलकामांझी थाने की पुलिस मिनी ट्रक को लेकर लेकर निकली। मगर जांच कराने के नाम पर अस्पताल के बदले पुलिस ने ट्रक चालक को जीरोमाइल होते हुए विक्रमशिला से आगे निकल जाने का निर्देश दिया। जबकि मिनी ट्रक में सवार कोलकाता से आए थे और कुछ लोग बीमार भी दिख रहे थे। ट्रक ड्राइवर अभिषेक ने कहा कि वह छपरा बनियापुर का रहने वाला है। कोलकाता में गाड़ी चलाने का काम करते है। मालिक एकलाख के निर्देश पर सभी मिनी ट्रक ड्राइवर और कर्मियों को भागलपुर और दरभंगा छोड़ा जा रहा है।

जीरोमाइल पर रोककर कहा तेजी से निकल जाओ

मिनी बस के चालक को तिलकामांझी थाने की पुलिस ने आगे निकल जाने का इशारा दिया। ड्राइवर ने एकबारगी पूछा भी की जांच कराना है। तो इशारा देते हुए कहा कि जल्दी से निकलों वरना फंस जाओगें।

 

न रोजगार और न खाने की थी व्यवस्था

 

कोलकाता के चूनागली, दमदम, हावड़ा में रहने वाले ट्रक चालक व मजदूरों की स्थिति काफी खराब है। इत्तेखाब, मंजरअली, मुश्ताफा ने कहा कि कोरोना की वजह से काम-धंधा सब बंद हो गया है। मकान मालिक घर में रहने नहीं देते। होटल भी पूरी तरह से बंद हो गया है। तीन दिनों से खाना नहीं खाया हूं। आखिरकार कंपनी के मालिक ने हमलोगों को मिनी बस से भेज दिया है।

 

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