पटना, 13 अगस्त।बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि जेपी आंदोलनकारियों की पेंशन दोगुनी करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह निर्णय 1 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा।
कैबिनेट के अनुसार, 18 मार्च 1974 से 21 मार्च 1977 तक लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन के दौरान मीसा या डीआईआर के तहत जेल में बंद रहे आंदोलनकारियों को अब बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी—
- 1 माह से 6 माह तक जेल में रहे आंदोलनकारियों की पेंशन ₹7,500 से बढ़ाकर ₹15,000 मासिक
- 6 माह से अधिक जेल में रहे आंदोलनकारियों की पेंशन ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 मासिक
पूर्व में, 8 नवंबर 2021 को पेंशन ₹5,000 और ₹10,000 से बढ़ाकर क्रमशः ₹7,500 और ₹15,000 की गई थी। अब एक बार फिर इसमें वृद्धि की गई है।
इसके साथ ही, इस अवधि में जेल में मृत या पुलिस फायरिंग में मारे गए आंदोलनकारियों के पति/पत्नी को भी समान दर से पेंशन मिलेगी। पुलिस फायरिंग में घायल व्यक्तियों को 5,000 रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान पहले की तरह जारी रहेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार नागरिकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार पहले विधवा, बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशन को ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 कर चुकी है और अब जेपी आंदोलन में शामिल आंदोलनकारियों की पेंशन दोगुनी करने का निर्णय भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।


