बिहार में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार को गति देने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा फैसला लिया है। नवादा और पावापुरी को जोड़ने वाली 25.10 किमी लंबी नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर लगभग ₹492.14 करोड़ की लागत आएगी। यह योजना भारतीय रेल की अम्ब्रेला वर्क्स 2024-25 के तहत स्वीकृत की गई है।
धार्मिक और पर्यटन महत्व
पावापुरी, जो जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है, अब सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। हर साल यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। नई रेल लाइन बनने से सड़क यातायात पर दबाव कम होगा और पारसनाथ व जल मंदिर की यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा
इस परियोजना से नवादा–नालंदा–राजगीर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
- रेशमी उद्योग (कादिरगंज) को बड़े बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
- औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- नालंदा विश्वविद्यालय और बोधगया तक पहुंच आसान होगी।
- रजौली परमाणु ऊर्जा संयंत्र और अन्य क्षेत्रीय विकास योजनाओं को भी बल मिलेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
नवादा के सांसद विवेक ठाकुर ने परियोजना की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि “बिहार अब रेल क्रांति का अनुभव कर रहा है और इस परियोजना से नवादा व नालंदा जिला के लाखों लोग लाभान्वित होंगे।”


