असम पुलिस रेड के बाद पवन खेड़ा का पहला बयान: “साजिश के तहत डराने की कोशिश, मैं पीछे हटने वाला नहीं”

नई दिल्ली/गुवाहाटी, 8 अप्रैल 2026: असम पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। खेड़ा ने कहा कि उनके खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं।

“मेरे घर 100 पुलिसकर्मी भेजे गए”
पवन खेड़ा ने बताया कि दिल्ली स्थित उनके आवास पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे थे। उस समय वे घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि पुलिस उनके घर से क्या लेकर गई है।
खेड़ा के अनुसार, कुछ लोग लैपटॉप या अन्य सामान जब्त किए जाने की बात कर रहे हैं, लेकिन इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है।

“मुझे चुप कराने की कोशिश हो रही है”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा उठाए गए सवालों से सरकार असहज है और इसी कारण उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है और इसका जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।
खेड़ा ने दो टूक कहा कि वे सवाल पूछना जारी रखेंगे और किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं।

“मैं राहुल गांधी का सिपाही हूं, डरूंगा नहीं”
अपने बयान में पवन खेड़ा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा कि वे पार्टी के सिपाही हैं और डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी आदत डरने की नहीं, बल्कि सच बोलने की है।

अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट का रुख
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पवन खेड़ा ने कानूनी कदम भी उठाया है। उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले को लेकर आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

सीएम हिमंता का पलटवार
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी पवन खेड़ा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि आरोप लगाने से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है और असम पुलिस किसी भी व्यक्ति को ढूंढने में सक्षम है।
सीएम ने यह भी संकेत दिया था कि यह मामला आगे और बड़े स्तर तक जा सकता है।

राजनीतिक तापमान बढ़ा
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक ओर कांग्रेस इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष इसे कानून के तहत की गई कार्रवाई बता रहा है।

अब यह मामला राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी मोर्चे पर भी अहम होता जा रहा है। आने वाले दिनों में कोर्ट और जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।

  • ये भी पढ़े..

    बीड़ी और खनन श्रमिकों के बच्चों के लिए बड़ी राहत, केंद्र सरकार दे रही 1,000 से 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति

    Share Add as a preferred…

    पीएम सूर्य घर योजना में बिहार का राष्ट्रीय स्तर पर जलवा, सरकारी भवनों के सौर ऊर्जाकरण के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान

    Share Add as a preferred…