
बिहार की राजधानी पटना में स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान जल्द ही एक नए और आधुनिक रूप में नजर आने वाला है। राज्य सरकार ने इस प्रमुख जू को हाई-टेक सुविधाओं से लैस करने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह अहम फैसला लिया गया।
योजना के तहत जू के गेट नंबर 1 और 2 का पूरी तरह कायाकल्प किया जाएगा, जिस पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन गेट्स पर अब एक ही जगह टिकट काउंटर, क्लॉक रूम और सोविनियर शॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटकों को बेहतर और सुगम अनुभव मिलेगा।
पार्किंग क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव किया जाएगा। यहां एक आधुनिक कैफेटेरिया बनाया जाएगा, जहां लोग घूमने से पहले या बाद में आराम कर सकेंगे। परिवारों और पर्यटकों के लिए यह खास आकर्षण बनेगा।
इस प्रोजेक्ट का सबसे खास हिस्सा 100 मीटर लंबा ट्री-वॉक होगा, जहां से लोग ऊंचाई पर चलकर जू की हरियाली और खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, रीसाइकिल्ड सामग्री से रॉक गार्डन जैसी संरचनाएं भी तैयार की जाएंगी।
युवाओं को ध्यान में रखते हुए जू में सेल्फी पॉइंट्स और ईको-फ्रेंडली बेंच भी लगाए जाएंगे। साथ ही, 16 प्रोफेशनल गाइड्स की नियुक्ति होगी, जो मात्र 10 रुपये में पर्यटकों को जानकारी देंगे। स्वच्छता के लिए 150 ईको-बिन और 15 नए साइनेज भी लगाए जाएंगे।
जू को प्लास्टिक मुक्त बनाने के साथ-साथ यहां वॉटर कूलर और आधुनिक टॉयलेट्स की भी व्यवस्था की जाएगी। कर्मचारियों के लिए भी अच्छी खबर है—दैनिक वेतनभोगियों के मानदेय में 2000 रुपये की बढ़ोतरी और 23 नए पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में यह जू सिर्फ चिड़ियाघर नहीं, बल्कि पटना का प्रमुख पर्यटन और हैंगआउट स्पॉट बनकर उभरे।


