
पटना | 11 फरवरी-बिहार में मछली पालन (मत्स्य पालन) को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजधानी पटना के मीठापुर में 2.43 एकड़ में एक अत्याधुनिक ‘मत्स्य विकास भवन’ बनकर तैयार हो गया है। बुधवार को सूबे के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने इस नवनिर्मित हाईटेक भवन का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
खबर की 3 अहम बातें:
- हाईटेक सुविधाएं: नए भवन में आधुनिक मत्स्य पालन अनुसंधान केंद्र (रिसर्च सेंटर) और अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं (लैब्स) बनाई गई हैं।
- किसानों के लिए हॉस्टल: दूर-दराज के जिलों से ट्रेनिंग लेने आने वाले किसानों के रुकने के लिए कैंपस में ही सुसज्जित हॉस्टल बनाया गया है।
- निदेशालय होगा शिफ्ट: जल्द ही पूरा मत्स्य निदेशालय इसी नए भवन में शिफ्ट होगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों और किसानों की सुविधाओं में तेजी आएगी।
वैज्ञानिक तरीके से दी जाएगी ट्रेनिंग, बढ़ेगा उत्पादन
निरीक्षण के दौरान मंत्री सुरेंद्र मेहता ने हर एक फ्लोर पर जाकर वहां मौजूद सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस नए परिसर में राज्य के सभी 38 जिलों से आने वाले मत्स्य किसानों को मछली पालन की वैज्ञानिक, उन्नत और नवाचार (Innovative) आधारित तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
आधुनिक लैब्स और रिसर्च सेंटर की मदद से राज्य में मछली के बीज की गुणवत्ता सुधरेगी और उत्पादन में भारी इजाफा होगा।
कृषि रोड मैप का दिख रहा असर, अग्रणी राज्य बनेगा बिहार
मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बिहार सरकार के ‘कृषि रोड मैप’ के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में मछली के उत्पादन और उत्पादकता में पहले ही उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस हाईटेक भवन के शुरू होने से बिहार को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों (Top States) की कतार में खड़ा करने का लक्ष्य जल्द पूरा होगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि इन नई सुविधाओं का 100% उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसान तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें।
निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
मंत्री के इस अहम निरीक्षण कार्यक्रम में विभाग के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से संयुक्त मत्स्य निदेशक दिलीप कुमार सिंह, संयुक्त मत्स्य निदेशक (प्रशिक्षण एवं प्रसार) गौरीशंकर और संयुक्त मत्स्य निदेशक (अनुसंधान) देवेन्द्र नायक शामिल थे।


