पटना जू बना गैंडा संरक्षण का केंद्र, विश्व में दूसरे स्थान पर

10 गैंडों के साथ पटना जू देश में अव्वल, सैन डिएगो के बाद दूसरा स्थान

पटना, 23 सितंबर।संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में सोमवार को विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर गैंडे के संरक्षण और संवर्धन पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम की शुरुआत

विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने गैंडा बाड़े का अवलोकन किया और संरक्षण एवं प्रजनन कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि गैंडे न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की धरोहर हैं और उनका संरक्षण जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है।

छात्र-छात्राओं ने लिया भाग

कार्यक्रम में बीएन कॉलेज, पटना वीमेंस कॉलेज और जेडी वीमेंस कॉलेज के जूलॉजी विभाग के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। विशेषज्ञों ने गैंडे की प्रजातियों, जीवन शैली, वर्तमान चुनौतियों और संरक्षण प्रयासों की जानकारी दी। छात्रों ने प्रश्नोत्तर सत्र में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

पटना जू का वैश्विक महत्व

प्रधान सचिव आनंद किशोर ने कहा कि पटना जू गैंडा संरक्षण और प्रजनन में सैन डिएगो जू के बाद विश्व में दूसरे स्थान पर आता है। जू में 10 गैंडों की संख्या है—छह नर (प्रिंस, गणेश, युवराज, शक्ती, शक्तिराज, जंबो) और चार मादा (घुटंगी, गौरी, गुड़िया, रानी)। समय-समय पर वन्यप्राणी अदला-बदली के तहत 11 गैंडों को देश के अन्य चिड़ियाघरों में भेजा गया और बदले में अन्य महत्वपूर्ण जानवरों को प्राप्त किया गया।

संदेश और जागरूकता

आनंद किशोर ने कहा कि प्रकृति के प्रति लगाव बनाए रखें और जैव विविधता के संरक्षण में अपना योगदान दें। पटना जू ने एशिया में अग्रणी संस्थान के रूप में गैंडे संरक्षण और प्रजनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) पी. के. गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) अरविंदर सिंह, मुख्य वन संरक्षक (आई.टी.) एस. चंद्रशेखर, मुख्य वन संरक्षक (संयुक्त वन प्रबंधन) एस. कुमारसामी और जू निदेशक हेमंत पाटील सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


 

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