रोशन आनंद की रिहाई को लेकर पटना में छात्रों का आक्रोश मार्च, पटना कॉलेज गेट पर पुलिस ने रोका; आंदोलन तेज करने की चेतावनी

पटना में चर्चित कोचिंग विवाद और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रोशन आनंद की गिरफ्तारी के खिलाफ मंगलवार को छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र राजधानी की सड़कों पर उतरे और रोशन आनंद समेत अन्य गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग को लेकर आक्रोश मार्च निकाला।

पटना विश्वविद्यालय से निकला मार्च, पुलिस ने रास्ते में रोका

जानकारी के अनुसार छात्र संगठन Patna University क्षेत्र से मार्च निकालकर प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाना चाहते थे। लेकिन जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अशोक राजपथ स्थित पटना कॉलेज गेट के पास ही रोक दिया।

इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच कुछ देर तक बहस और नोकझोंक भी हुई, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही और कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।

सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

आक्रोश मार्च के दौरान छात्रों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है और रोशन आनंद की गिरफ्तारी इसी का हिस्सा है।

छात्रों का कहना था कि:

“रोशन आनंद की गिरफ्तारी न्यायसंगत नहीं है। उन्हें और अन्य गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।”

“यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, छात्रों की आवाज का मुद्दा”

प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं ने कहा कि यह केवल रोशन आनंद की रिहाई का मामला नहीं है, बल्कि छात्र समुदाय की आवाज को दबाने का प्रयास है।

उनका आरोप है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

पुलिस का पक्ष

पुलिस प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार के जुलूस या मार्च की इजाजत नहीं दी जा सकती। कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

स्थिति को देखते हुए अशोक राजपथ और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले।

बढ़ सकता है आंदोलन

गौरतलब है कि हाल ही में पटना सिविल कोर्ट ने रोशन आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि चर्चित शिक्षक Faizal Khan को अंतरिम राहत मिली है। इसके बाद छात्र संगठनों में नाराजगी और बढ़ गई है।

अब छात्रों ने साफ संकेत दे दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला शिक्षा, राजनीति और कानून-व्यवस्था—तीनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

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