पटना, 19 जुलाई।भारतमाला परियोजना (चरण-II) के तहत प्रस्तावित पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की दिशा में एक अहम प्रगति हुई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस परियोजना की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य (MVR) के विशेष पुनरीक्षण के निर्देश जारी किए हैं।
इस संबंध में वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जिलों के समाहर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के तहत धारा 26(3) के अनुसार प्रचलित बाजार मूल्य के आधार पर MVR पुनरीक्षण की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करें।
राज्य के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय मूल्यांकन समिति से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही अधिसूचना प्रकाशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इस दिशा में बिहार स्टॉम्प (संशोधन) नियमावली, 2013 के उपनियम-7 का पालन करते हुए एमवीआर का विशेष पुनरीक्षण किया जाना आवश्यक है।
पारदर्शिता और उचित मुआवज़ा पर जोर
यह निर्देश मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में 17 जुलाई को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद जारी किया गया, जिसमें परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता, त्वरित क्रियान्वयन और उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों और भू-स्वामियों को उनकी भूमि के बदले समुचित, न्यायसंगत एवं वर्तमान बाजार दर पर आधारित मुआवजा प्राप्त हो। यह पहल भूमि अधिग्रहण को जनहितकारी, प्रभावी और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- छह जिलों में विशेष एमवीआर पुनरीक्षण की कार्रवाई
- पारदर्शी अधिग्रहण और उचित मुआवज़ा पर विभाग का फोकस
- भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप क्रियान्वयन
- भारतमाला परियोजना को समयबद्ध रूप से लागू करने की कोशिश
यह निर्णय आने वाले समय में बिहार की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा और राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास की गति को और तेज करेगा।


