दानापुर/पटना | 25 फरवरी, 2026: राजधानी पटना की पुलिस ने अपनी मुस्तैदी से एक बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया है। दानापुर में फिरौती के लिए अगवा किए गए एक युवक को पुलिस ने महज 4 घंटे के भीतर फिल्मी अंदाज में मौत के चंगुल से छुड़ा लिया। इस हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस में पुलिस ने 5 शातिर बदमाशों को दबोचा है, जिनमें से दो एक निजी विश्वविद्यालय के छात्र बताए जा रहे हैं।
शाम को अपहरण, रात को रिहाई: 240 मिनट का रोमांच
यह पूरी घटना सोमवार देर शाम की है। दानापुर के मिथिला कॉलोनी (त्रिमूर्तिनगर) निवासी शंकर प्रसाद के पुत्र सन्नी कुमार को बदमाशों ने हथियार के बल पर उठा लिया। किडनैपिंग के तुरंत बाद परिजनों से 30 लाख रुपये की मोटी फिरौती मांगी गई। सन्नी के पिता भवन निर्माण विभाग से क्लर्क के पद से रिटायर हुए हैं।
अपहरण की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देश पर आनन-फानन में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और तकनीकी सर्विलांस के जरिए बदमाशों का पीछा शुरू हुआ।
लेखानगर में बनाया था सेफ हाउस, नहर रोड पर हुई मुठभेड़
पुलिस की जांच में पता चला कि बदमाशों ने सन्नी को अगवा करने के बाद लेखानगर इलाके में छिपाकर रखा था। जब अपराधी उसे वहां से शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रूपसपुर नहर रोड पर चारों तरफ से घेर लिया।
- बरामदगी: पुलिस ने मौके से सन्नी को सही-सलामत छुड़ा लिया।
- जब्ती: बदमाशों के पास से एक कार, एक मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और दो फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुए हैं। ये नंबर प्लेट इस बात का सबूत हैं कि अपराधी पुलिस को चकमा देने की पूरी तैयारी में थे।
हाई-प्रोफाइल अपराधी: दिल्ली और हरियाणा से जुड़े हैं तार
पकड़े गए पांच आरोपियों में से दो निजी यूनिवर्सिटी के छात्र हैं, जो पैसे की हवस में अपराध की दलदल में उतर गए। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की कुंडली कुछ इस प्रकार है:
- राहुल कुमार और विशाल कुमार: मंझौली, फुलवारी शरीफ (पटना)।
- हिमांशु सिंह: गनौर, हरियाणा।
- प्रतीक वाजपेयी: लोदी रोड, नई दिल्ली।
दानापुर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार भारद्वाज ने बताया कि यह गिरोह काफी संगठित लग रहा है और पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है कि इनके पीछे कोई बड़ा मास्टरमाइंड तो नहीं है।
VOB का नजरिया: ‘पढ़ाई’ की जगह ‘अपराध’ का रास्ता
पटना की यह घटना चौंकाने वाली है क्योंकि इसमें दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों के छात्र शामिल हैं। 30 लाख की फिरौती के लिए एक रिटायर्ड कर्मचारी के बेटे को निशाना बनाना यह दिखाता है कि अपराधी अब सॉफ्ट टारगेट की तलाश में रहते हैं। दानापुर पुलिस की यह ‘4 घंटे वाली रिकवरी’ वाकई काबिल-ए-तारीफ है, जिसने एक परिवार के चिराग को बुझने से बचा लिया।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


