- जानीपुर से कॉलेज से लौटते वक्त डॉक्टर सर्वेश तिवारी का हुआ था अपहरण; परिजनों से मांगी थी मोटी रकम
- सिटी एसपी (वेस्ट) की स्पेशल टीम ने तकनीकी सर्विलांस से सुलझाई गुत्थी; वारिसनगर के मकसूदपुर से सकुशल रेस्क्यू
- गिरफ्तार तीनों अपराधी समस्तीपुर के ही रहने वाले; पुलिस ने भेजा जेल, बाकी साथियों की तलाश जारी
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना/समस्तीपुर)
राजधानी पटना में अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड का पर्दाफाश महज 24 घंटे के भीतर कर दिया है। जानीपुर थाना क्षेत्र से फिरौती के लिए अगवा किए गए डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी को पुलिस ने समस्तीपुर जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया है।
कॉलेज से घर लौटते वक्त हुआ था किडनैप
घटना 10 फरवरी 2026 की है।
- घटनाक्रम: डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी (पिता- ऋषिकेश तिवारी) जानीपुर थाना क्षेत्र स्थित आर्यभट्ट इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एवं पारा मेडिकल कॉलेज, रामपुर से अपने घर राजीव नगर लौट रहे थे।
- इसी दौरान घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया।
- अपहरण के बाद अपराधियों ने डॉक्टर के परिजनों से फोन पर 70 लाख रुपये की फिरौती की मांग शुरू कर दी।
- परिजनों की शिकायत पर जानीपुर थाने में कांड संख्या 45/26 दर्ज कर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
समस्तीपुर के मकसूदपुर में मिली लोकेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल (SIT) का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (फुलवारीशरीफ-02) और जानीपुर थानाध्यक्ष कर रहे थे।
- तकनीकी जांच: पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर अपराधियों की लोकेशन ट्रेस की।
- छापेमारी: लोकेशन समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव में मिली। पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी को सकुशल रिहा करा लिया।
3 गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
पुलिस ने मौके से तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों समस्तीपुर जिले के ही रहने वाले हैं:
- रविन्द्र प्रसाद सिंह (52 वर्ष), साकिन- मकसूदपुर, थाना- वारिसनगर।
- राकेश कुमार (29 वर्ष), साकिन- छतनेश्वर, थाना- वारिसनगर।
- मनीष कुमार (24 वर्ष), साकिन- कसोर, थाना- वारिसनगर।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है।


