पटना। म्यांमार (बर्मा) में बंधक बनाए गए कंप्यूटर साइंस इंजीनियर सचिन कुमार सिंह, पिता-उमाशंकर सिंह, निवासी न्यू मैनपुरा, प्रगति नगर, दानापुर कैंप, थाना-दानापुर, जिला-पटना को पटना पुलिस और भारतीय दूतावास की संयुक्त कार्रवाई से सकुशल भारत वापस लाया गया।
मामला कैसे शुरू हुआ
दिनांक 26 जून 2025 को पीड़ित की मां मीना देवी द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर दानापुर थाना कांड सं. 665/25 दर्ज किया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि सचिन को नौकरी का झांसा देकर म्यांमार बुलाया गया और वहाँ बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया।
प्राथमिकी में मुख्य आरोपितों में नेपाल निवासी धर्मेन्द्र चौधरी और जितेन्द्र चौधरी, सहाय ग्रुप कंपनी का एचआर (@SuLuo-889, Telegram) तथा सीतामढ़ी निवासी सुनिल कुमार का नाम सामने आया।
SIT का गठन और कार्रवाई
नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देशन में एसआईटी टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुनिल कुमार को सीतामढ़ी से गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि बंधक को छुड़ाने के लिए 1.5 लाख रुपये आरोपी के खाते में जमा कराए गए थे।
भारतीय दूतावास की मदद से रेस्क्यू
पटना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दूतावास (म्यांमार/थाईलैंड), विदेश मंत्रालय (PMO, दिल्ली) तथा साइबर अपराध इकाई से लगातार संपर्क बनाए रखा।
जुलाई 2025 में जानकारी मिली कि सचिन को म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटर से छुड़ाकर वहां की मिलिट्री कैंप में सुरक्षित रखा गया है।
इसके बाद लगातार प्रयासों के बाद 27 अगस्त 2025 को भारतीय दूतावास द्वारा सचिन को दिल्ली भेजा गया, जहां से पटना पुलिस ने उसे सकुशल परिजनों के हवाले कर दिया।
पीड़ित का बयान
सचिन ने पुलिस को बताया कि नेपाल निवासी धर्मेन्द्र चौधरी ने उसे 12 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। पटना से कोलकाता, कोलकाता से बैंकॉक और वहां से सड़क मार्ग से म्यांमार ले जाया गया।
सहाय ग्रुप कंपनी में कुछ दिन काम करने के बाद उसे साइबर स्कैम सेंटर में बंधक बना लिया गया, मोबाइल-पासपोर्ट छीन लिया गया और जबरन धोखाधड़ी के काम करने के लिए इलेक्ट्रिक करंट और मारपीट की गई।
काम करने से इंकार करने पर उसकी तस्वीर और वीडियो परिवार को भेजकर 5000 डॉलर फिरौती मांगी गई और अंग काटकर बेचने की धमकी दी गई।
गिरफ्तार अपराधी
- सुनिल कुमार, पिता-शिवशंकर राम, निवासी सिंहरहिया फुलपरसी, थाना-सहियारा, जिला-सीतामढ़ी।
एसआईटी टीम के सदस्य
- पु.नि. प्रशांत कुमार भारद्वाज
- पु.अ.नि. बिद्ध कुमार
- पु.अ.नि. श्रवण कुमार
- पु.अ.नि. नीतू कुमारी
- स.अ.नि. सुरेन्द्र कुमार
- सि0/6398 राजीव कुमार
इस पूरे प्रकरण ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे मानव तस्करी और साइबर स्कैम रैकेट कितने खतरनाक होते जा रहे हैं।

