- पिता के जख्मों पर नमक: पटना में लापता बेटी की फरियाद लेकर थाने पहुंचे पिता को पुलिस वाले ने दिया जवाब- ‘दो महीने में बेटी मौज करके वापस आ जाएगी’
- राजनीतिक उबाल: आरजेडी (RJD) एमएलसी सुनील सिंह ने सरकार को घेरा; कहा- पुलिस का ऐसा रवैया दुर्भाग्यपूर्ण, दारोगा पर हो तत्काल कार्रवाई
- जांच का आदेश: विवाद बढ़ने पर पुलिस प्रशासन ने दिए जांच के संकेत; कहा- आरोप सही पाए गए तो नपेंगे दोषी अधिकारी, बच्ची की तलाश जारी
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
पटना पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी से जुड़ा है, जहां मदद मांगने गए लाचार पिता को पुलिसिया बदसलूकी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि थाने में मौजूद एक दारोगा ने पीड़ित पिता से बेहद आपत्तिजनक लहजे में कहा, “चिंता मत करो, दो महीने में बेटी मौज करके खुद ही वापस आ जाएगी।” इस बयान के बाद से सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
एक पिता अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने के बाद बदहवास हालत में स्थानीय थाने पहुंचा था। वह पुलिस से तत्काल कार्रवाई और बेटी की तलाश की गुहार लगा रहा था।
- संवेदनहीनता की हद: परिजनों का आरोप है कि उनकी पीड़ा समझने के बजाय पुलिसकर्मी ने तंज कसते हुए शर्मनाक टिप्पणी की। परिवार का कहना है कि इस व्यवहार ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया है।
विपक्ष हमलावर: ‘यह सुशासन नहीं है’
इस घटना के सामने आते ही विपक्ष ने नीतीश सरकार के ‘सुशासन’ और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
- सुनील सिंह का बयान: राजद के विधान पार्षद (MLC) सुनील सिंह ने कहा कि एक नाबालिग के मामले में पुलिस का ऐसा रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर रक्षक ही ऐसे ताने देंगे, तो आम आदमी का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
- कार्रवाई की मांग: विपक्ष ने चेतावनी दी है कि वे इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे। उनकी मांग है कि आरोपी दारोगा पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए
डैमेज कंट्रोल में जुटा प्रशासन
मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस के आला अधिकारी हरकत में आए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के संकेत दिए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगर दारोगा द्वारा ऐसी टिप्पणी की पुष्टि होती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस की टीमें लड़की की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही हैं।


