
राजधानी पटना में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ पुलिस अब बड़े स्तर पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। शहर में बढ़ते अपराध और संगठित गैंगों की सक्रियता के बीच पटना पुलिस ने 12 फरार अपराधियों की एक विशेष सूची तैयार की है, जिन पर जल्द ही इनाम घोषित किया जा सकता है। इन अपराधियों में कुख्यात सोनू-मोनू गैंग के सक्रिय सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस ने इन अपराधियों पर ₹25 हजार से लेकर ₹50 हजार तक का इनाम घोषित करने का प्रस्ताव पटना रेंज के आईजी को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान और तेज कर दिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाई जा सके। कई मामलों में आरोपी लगातार फरार चल रहे हैं, जिससे न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि जांच प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। इनाम घोषित होने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि मुखबिर तंत्र और आम नागरिकों से अधिक उपयोगी सूचनाएं मिलेंगी, जिससे अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा।
जानकारी के मुताबिक पटना पुलिस ने एसएसपी कार्यालय के माध्यम से इन 12 अपराधियों की सूची तैयार कर पटना रेंज के आईजी कार्यालय भेजी है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके साथ ही इनामी अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू होगा, जिसमें जिला पुलिस के साथ-साथ विशेष इकाइयों की भी भूमिका रहेगी।
इस सूची में सबसे चर्चित नाम सोनू-मोनू गैंग के सरगना सोनू का है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पचमहला थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट और मारपीट से जुड़े कई मामलों में वह वांछित है। सोनू पर ₹25 हजार का इनाम घोषित करने की अनुशंसा की गई है। पुलिस का मानना है कि सोनू और उसके नेटवर्क की गिरफ्तारी से कई आपराधिक घटनाओं की गुत्थी सुलझ सकती है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोनू-मोनू गैंग पिछले कुछ समय से राजधानी के कई इलाकों में सक्रिय रहा है। गैंग पर अवैध हथियार रखने, धमकी देने, मारपीट और संगठित अपराध में शामिल होने के आरोप लगे हैं। कई मामलों में पुलिस ने छापेमारी भी की, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचते रहे।
एसएसपी कार्यालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार 12 अपराधियों में से 10 पर ₹25-25 हजार और दो कुख्यात अपराधियों पर ₹50-50 हजार इनाम घोषित करने की अनुशंसा की गई है। यह राशि उन लोगों को दी जाएगी जो इन अपराधियों की गिरफ्तारी में अहम सूचना उपलब्ध कराएंगे या पुलिस अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग करेंगे।
पटना पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि जिले में अपराधियों पर इनाम घोषित करने की रणनीति पहले भी कारगर साबित हुई है। अब तक 120 अपराधियों पर इनाम घोषित किया जा चुका है। इनमें से 78 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि 42 इनामी अपराधी अभी भी फरार हैं। पुलिस लगातार उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित सूची में शामिल अधिकांश आरोपी हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट, रंगदारी और संगठित अपराध जैसे गंभीर मामलों में वांछित हैं। इनके लंबे समय तक फरार रहने से कई मामलों की सुनवाई और जांच प्रभावित हो रही है। कुछ मामलों में पीड़ित पक्ष पर भी दबाव बनाने की कोशिश की गई है, जिसे देखते हुए पुलिस अब अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने जा रही है।
इनामी सूची में अन्य चर्चित नाम भी शामिल हैं। अनीसाबाद स्थित एक दवा दुकान में दिनदहाड़े हुई लूट के मामले में वांछित कटिहार निवासी राहुल कुमार पर भी इनाम घोषित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह मामला राजधानी में काफी चर्चा में रहा था क्योंकि दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
इसके अलावा गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में लूट मामले में वांछित कल्लू मियां का नाम भी सूची में शामिल किया गया है। वहीं बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में हत्या के एक गंभीर मामले में फरार राजीव कुमार को भी इनामी अपराधियों की सूची में शामिल करने की अनुशंसा की गई है। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी कई पुराने मामलों के खुलासे में मदद कर सकती है।
आईजी की मंजूरी के बाद विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान में एसटीएफ, डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम शामिल होगी। संयुक्त अभियान के तहत तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, मुखबिर तंत्र और फील्ड ऑपरेशन को और मजबूत किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि फरार अपराधी लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते हैं और गिरफ्तारी से बचने के लिए डिजिटल माध्यमों का सीमित उपयोग करते हैं। ऐसे में तकनीकी सर्विलांस के साथ-साथ स्थानीय खुफिया नेटवर्क की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। पुलिस अब इसी रणनीति पर काम कर रही है।
एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि पटना जिले के 12 फरार अपराधियों पर इनाम घोषित करने का प्रस्ताव आईजी को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इनमें 10 अपराधियों पर ₹25 हजार और दो पर ₹50 हजार इनाम घोषित करने की अनुशंसा की गई है। सूची में शामिल अधिकांश आरोपी गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इनामी घोषणा केवल आर्थिक प्रोत्साहन नहीं, बल्कि अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का भी प्रभावी तरीका है। जब किसी आरोपी पर इनाम घोषित होता है, तो उसके छिपे रहने की संभावनाएं कम होने लगती हैं क्योंकि उसके आसपास के लोगों से भी सूचना लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।
कुल मिलाकर पटना पुलिस का यह कदम राजधानी में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। आने वाले दिनों में आईजी की मंजूरी के बाद यह अभियान और तेज होगा। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस इन 12 फरार अपराधियों को कितनी जल्दी गिरफ्तार कर पाती है और क्या इस कार्रवाई से राजधानी में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सकेगा।


