पटना, 15 जुलाई 2025।बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को समेटे पटना संग्रहालय अब जल्द ही एक नए और आधुनिक स्वरूप में जनता के सामने होगा। भवन निर्माण विभाग द्वारा 158 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे उन्नयन एवं विस्तार कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।
नव निर्मित गैलरियां: गंगा और पाटली दीर्घा
नए स्वरूप में दो विशिष्ट दीर्घाएं संग्रहालय में जोड़ी गई हैं:
- गंगा दीर्घा: गंगा नदी की बिहार के सात सांस्कृतिक क्षेत्रों से होकर बहने की यात्रा को कलाकृतियों, चित्रों और दृश्य माध्यमों के जरिए दर्शाया गया है।
- पाटली दीर्घा: प्राचीन पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) के ऐतिहासिक गौरव को मेगास्थनीज, फाह्यान जैसे विदेशी यात्रियों के वर्णनों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
आधुनिक सुविधाओं से होगा युक्त
नए संग्रहालय में कई तकनीकी और संरचनात्मक सुविधाएं जोड़ी गई हैं:
- टू-डी प्रेक्षागृह (2D थिएटर)
- अस्थायी प्रदर्शनी हॉल
- संरक्षण प्रयोगशाला
- संग्रहालय कार्यालय
- 105 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम
- आधुनिक भंडार गृह जहाँ कलाकृतियों का संरक्षण किया जाएगा
हेरिटेज भवन का संरक्षण एवं परिसर का कायाकल्प
पुराने हेरिटेज भवन की मरम्मत और दीर्घाओं के नवीनीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। संग्रहालय परिसर में अब:
- टिकट काउंटर के पास शेड और कैफेटेरिया
- वीआईपी लाउंज
- नव निर्मित अस्थायी गैलरी
जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
संबंधित अधिकारी का वक्तव्य
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने जानकारी दी कि:
“पटना संग्रहालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है ताकि इतिहास को न केवल देखा जा सके, बल्कि उसे ऑडियो-विजुअल तकनीक के माध्यम से अनुभव भी किया जा सके।“
संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा बल
इस परियोजना से न केवल संग्रहालय में आगंतुकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त रूप से सामने लाने में सहायक होगा। राज्य सरकार इसे संस्कृति-पर्यटन के विकास के रूप में देख रही है।


