पटना की जेल को लेकर बड़ा खुलासा, वाई-फाई के जरिए गुर्गों से बातें करता था कुख्यात

पटना:- आदर्श केंद्रीय कारा बेउर में बंद कुख्यात सोना लुटेरा सुबोध सिंह एक बार फिर से चर्चा में है। देश के कई शहरों में घूमकर मुथूट कंपनी का सोना लूटकर चर्चा में आया सुबोध जेल में रहते हुए सुपारी लेकर हत्या कराने को लेकर जांच के घेरे में है। उसके संबंध में बड़ा खुलासा यह हुआ है कि वह जेल में इटरनेट चलाता रहा था तथा वाई-फाई के माध्‍यम से गुर्गों से बाम करता था। सुबोध का नाम पश्चिम बंगाल में हुई भाजपा नेता की हत्या मामले में आया है। वह जेल से ही गिरोह का संचालन कर रहा है। आधुनिक संचार तकनीक से गिरोह के अपराधियों पर न सिर्फ नजर रख रहा, बल्कि गलती पर उन्हें सबक सिखा रहा है। इसका प्रमाण हाजीपुर कारा में बंद मनीष की हत्या है।

उसपर कोलकाता के भाजपा नेता मनीष शुक्ला की हत्या कराने का आरोप लगा है। बंगाल पुलिस की एक टीम उससे पूछताछ के लिए पटना में कैंप कर रही है। बंगाल पुलिस ने बेउर जेल प्रबंधन से तीन माह का डाटा मांगा है, जिसमें मुलाकातियों के साथ मोबाइल से बात करने का डाटा शामिल है। बंगाल पुलिस को शक है कि मनीष की हत्या की सुपारी देने वाले ने जेल में आकर सुबोध से मुलाकात की है। सुपारी की राशि जेल में ही दी गई है। इसके पुख्ता सुबूत भी हैं। दूसरी ओर, कारा प्रशासन ने बंगाल पुलिस को यह कहकर टरका दिया है कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले पांच महीने से बेउर जेल में मुलाकात बंद है। किसी बंदी को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है।

केंद्रीय कारा बेउर के काराधीक्षक सत्येंद्र प्रसाद कहते हैं कि जेल में कैदियों की मुलाकात पांच माह से बंद है। सुबोध को भी किसी से मिलने की इजाजत नहीं है। बंगाल पुलिस को सुबोध से पूछताछ के लिए न्यायालय से अनुमति लेने को कहा गया है।

सुबोध सिंह इंटरनेट के लिए वाई-फाई का उपयोग कर रहा है। एक कंपनी के वाई-फाई से उसे स्पीड मिल रही है। एक साथ इस सेट से आठ-दस मोबाइल कनेक्ट कर चलाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सुबोध ने मनीष शुक्ला की हत्या के एवज में मोटी राशि वसूली है।

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