पटना, 7 जुलाई 2025 — बिहार की राजधानी पटना में इंडिया गठबंधन की ओर से सोमवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। इसमें विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, वाम दलों के नेता और कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू समेत गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
प्रेस कांफ्रेंस में विपक्षी दलों ने भारत निर्वाचन आयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए और बिहार में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (SIR) को “वोटबंदी की साजिश” बताया।
तेजस्वी यादव का हमला: ‘चुनाव आयोग बन गया है पोस्ट ऑफिस’
तेजस्वी यादव ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा:
“चुनाव आयोग कन्फ्यूजन में है। एक ही दिन में तीन अलग-अलग निर्देश जारी करता है। आयोग पोस्ट ऑफिस बन गया है, जिससे जो फॉर्म जमा कर रहा है, वह जमा हो रहा है। इसे स्पष्ट करना होगा कि यह प्रक्रिया राजनीतिक है या प्रशासनिक।”
उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को स्पष्ट निर्देश जारी करना चाहिए कि दस्तावेज बाद में दिए जा सकते हैं, या नहीं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में वोटरों को सूची से बाहर करने की साजिश की जा रही है और इसका विरोध सिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि पक्ष के नेता भी कर रहे हैं।
“वोटर लिस्ट पुनरीक्षण में गड़बड़ी”: इंडिया गठबंधन
गठबंधन नेताओं ने दावा किया कि आयोग ने बिना दस्तावेज फॉर्म स्वीकार करने की बात कहकर मतदाताओं को भ्रम में डाला है। तेजस्वी यादव ने कहा कि:
“यह स्पष्ट होना चाहिए कि आयोग नियम बदल रहा है या किसी दबाव में काम कर रहा है। एक राज्य में अगर लाखों मतदाता सूची से हट जाएं, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।”
राजनीतिक दलों की एकजुटता की चेतावनी
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पक्ष-विपक्ष मिलकर भारत निर्वाचन आयोग से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का प्रयास है।


