
पटना, 18 जुलाई 2025: राजधानी पटना के एक निजी अस्पताल में हुए कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा हत्याकांड का एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे हत्या की पूरी साजिश अस्पताल के बाहर रची गई। फुटेज में 6 अपराधी बातचीत करते और हथियार के साथ आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।
2 मिनट में बनाई गई योजना, फिर पहुंचा मौत का काफिला
सीसीटीवी फुटेज सुबह 7:13 से 7:15 बजे के बीच का है, जब सभी आरोपी हॉस्पिटल के बगल वाली गली में खड़े होकर आपस में बातचीत करते हैं। एक अपराधी हेलमेट पहने हुए पहले ही वहां से निकल जाता है, जबकि अन्य धीरे-धीरे अस्पताल की ओर बढ़ते हैं। एक अपराधी बाहर खड़ा होकर रेकी करता है।
5 अपराधियों ने किया हमला, चंदन मिश्रा की मौके पर मौत
जैसे ही सभी आरोपी कमरा नंबर 5 के पास पहुंचते हैं, फायरिंग शुरू कर देते हैं। घटनास्थल पर ही चंदन मिश्रा की मौत हो जाती है। सभी अपराधी दो बाइक पर सवार होकर आए थे और फायरिंग के बाद फरार हो गए। चंदन मिश्रा की मौत के बाद अस्पताल और शहर में हड़कंप मच गया।
पुलिस सूत्र: कुछ आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस सूत्रों की मानें तो इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। वहीं, तकनीकी साक्ष्य के आधार पर अपराधियों की पहचान कर ली गई है। फुटेज और अन्य क्लू के जरिए पुलिस गिरफ्तारी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
SSP बोले: “पहचान हो चुकी है, जल्द होगी गिरफ्तारी”
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और जोनल आईजी जितेंद्र राणा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की। एसएसपी ने स्पष्ट कहा:
“सभी अपराधियों की पहचान हो चुकी है। बहुत जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कोई भी बच नहीं पाएगा।”
चंदन मिश्रा के खिलाफ दर्ज थे 24 केस, शेरू गैंग से चल रही थी रंजिश
सूत्रों की मानें तो चंदन मिश्रा के खिलाफ 24 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह पैरोल पर बाहर आकर पटना के निजी अस्पताल में इलाज करवा रहा था। बताया जा रहा है कि यह हत्याकांड पुरानी गैंगवार की कड़ी है। शेरू गैंग से चंदन की पुरानी रंजिश चल रही थी। पहले दोनों दोस्त थे, बाद में दुश्मनी में बदल गया रिश्ता। शेरू फिलहाल पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद है।
उपमुख्यमंत्री ने दी सख्त चेतावनी: “जरूरत पड़ी तो होगा एनकाउंटर”
घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बड़ा बयान देते हुए कहा:
“जो भी अपराधी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जिस भाषा में समझेंगे, उसी में समझाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो एनकाउंटर भी किया जाएगा।”
सुरक्षा पर उठे सवाल, विपक्ष का सरकार पर हमला
राजधानी पटना के बीचोंबीच अस्पताल में हुई दिनदहाड़े हत्या ने राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। विपक्ष इस घटना को जंगल राज की वापसी बता रहा है और सरकार से जवाब मांग रहा है।
पटना में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, यह वारदात उसका जीता-जागता उदाहरण है। पुलिस अब दबाव में है और तेजी से छापेमारी कर रही है। देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज हत्या के पीछे का पूरा सच कब सामने आता है।


