पटना | 28 फरवरी, 2026: बिहार की न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पटना हाईकोर्ट के लिए नौ नए न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है। गुरुवार को हुई इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है। इन नियुक्तियों के साथ ही पटना हाईकोर्ट में जजों की कमी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
वकील कोटे से इन 9 नामों पर लगी मुहर
26 फरवरी, 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में पटना हाईकोर्ट के नौ वरिष्ठ अधिवक्ताओं को जज बनाने का निर्णय लिया गया। अनुशंसित नामों की सूची इस प्रकार है:
- नदीम सिराज
- रंजन कुमार झा
- कुमार मनीष
- संजीव कुमार
- गिरिजेश कुमार
- आलोक कुमार
- राज कुमार सहाय
- राणा विक्रम सिंह
- विकास कुमार
नियुक्ति की प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति
सुप्रीम कोर्ट की अनुशंसा के बाद अब इन नामों पर केंद्र सरकार विचार करेगी और अंत में राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद इनकी आधिकारिक नियुक्ति होगी।
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विवरण |
संख्या |
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स्वीकृत पदों की कुल संख्या |
53 |
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वर्तमान में कार्यरत जजों की संख्या |
38 (अनुमानित) |
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नई नियुक्तियों के बाद कुल संख्या |
47 |
2 नामों पर नहीं मिली ‘हरी झंडी’
गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट कॉलेजियम ने कुल 11 वकीलों के नाम भेजे थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राघवानंद और इति सुमन के नामों को फिलहाल मंजूरी नहीं दी है। शेष नौ नामों पर प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है।
VOB का नजरिया: मुकदमों के बोझ से मिलेगी राहत
पटना हाईकोर्ट में जजों के रिक्त पदों के कारण लंबित मामलों (Pendency) की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक साथ नौ नए जजों के आने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और आम जनता को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। स्वीकृत 53 पदों के मुकाबले 47 जजों का होना प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


