
पटना से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पटना हाईकोर्ट से जुड़े युवा अधिवक्ता दंपति की पश्चिम बंगाल में हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को गहरा सदमा दिया है, बल्कि पटना के कानूनी जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतकों की पहचान वरिष्ठ अधिवक्ता अजय ठाकुर के पुत्र ऋत्विक ठाकुर और उनकी पत्नी वैष्णवी ठाकुर के रूप में हुई है। दोनों पटना हाईकोर्ट में वकालत करते थे और अपने मिलनसार स्वभाव तथा पेशेवर दक्षता के कारण अधिवक्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय थे।
सिलीगुड़ी से लौटते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि होली की छुट्टियां बिताने के बाद ऋत्विक ठाकुर और वैष्णवी ठाकुर अपनी फॉर्च्यूनर कार से सिलीगुड़ी से पटना लौट रहे थे। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर गुंजरिया पेट्रोल पंप के पास उनकी कार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में वैष्णवी ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल ऋत्विक ठाकुर को इलाज के लिए पूर्णिया ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
हादसे में चार अन्य लोग भी घायल
इस दर्दनाक हादसे के समय कार में दंपति के दो छोटे बच्चे, उनका ड्राइवर और एक घरेलू सहायिका भी सवार थे। टक्कर के बाद ये सभी घायल हो गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए पूर्णिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस घटना ने एक खुशहाल परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही पटना में उनके परिजनों और परिचितों के बीच शोक की लहर फैल गई।
गुलबी घाट पर भावुक कर देने वाला दृश्य
सोमवार को पटना के गुलबी घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब दंपति के महज चार साल के मासूम बेटे ने अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी। छोटे बच्चे को अपने माता-पिता की चिता को अग्नि देते देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
बाद में मृतक ऋत्विक ठाकुर के चचेरे भाई ने अंतिम संस्कार की बाकी विधियां पूरी कीं।
न्यायिक जगत के कई दिग्गज पहुंचे
अंतिम संस्कार के दौरान पटना हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ता गुलबी घाट पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। इस मौके पर जस्टिस पार्थ सारथी, जस्टिस सत्यव्रत वर्मा, जस्टिस अंशुल, राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एस. कुमार और जस्टिस राकेश कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेन्द्र पांडे भी अजय ठाकुर के आवास पहुंचे और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
कानूनी जगत में शोक की लहर
ऋत्विक ठाकुर और वैष्णवी ठाकुर दोनों ही पटना हाईकोर्ट के सक्रिय और उभरते हुए अधिवक्ता थे। उनकी असमय मौत से बार और बेंच दोनों ही स्तब्ध हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे कानूनी समुदाय की बड़ी क्षति है।
घटना के बाद से पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं और न्यायिक समुदाय में शोक का माहौल है। कई संगठनों और सामाजिक लोगों ने भी इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।


