
पटना: पटना हाईकोर्ट ने राज्य के प्रमुख हृदय रोग अस्पताल इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC) में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों के लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति आवश्यक है।
जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय और न्यायमूर्ति सोनी श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार उर्फ गुडडू बाबा द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।
RTI से सामने आई डॉक्टरों की कमी
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई स्वीकृत पद वर्षों से खाली पड़े हैं। इसके कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
बिहार के लिए महत्वपूर्ण है यह संस्थान
याचिका में कहा गया कि बिहार में बड़ी संख्या में लोग हृदय रोग से पीड़ित हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों से गंभीर मरीज इलाज के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान पहुंचते हैं। यह राज्य का प्रमुख और विशेषीकृत हृदय रोग अस्पताल है, जहां अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जाता है।
पैरामेडिकल स्टाफ की भी भारी कमी
याचिकाकर्ता ने कोर्ट का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि अस्पताल में डॉक्टरों के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ के कई पद भी रिक्त हैं। उन्होंने मांग की कि इन पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
सरकार को पहले भी भेजा गया था पत्र
याचिका में यह भी बताया गया कि इस संबंध में राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को पहले कई बार पत्र भेजे गए थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मजबूर होकर जनहित याचिका दायर की गई।
तीन सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
पटना हाईकोर्ट ने विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की है।


