पटना हाईकोर्ट ने जहानाबाद मंटू कुमार हत्याकांड में छह सजायाफ्ताओं को बरी किया

पटना हाईकोर्ट ने जहानाबाद के बहुचर्चित मंटू कुमार हत्याकांड में ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए छह सजायाफ्ताओं को बरी कर दिया है। यह आदेश जस्टिस मोहित कुमार शाह और जस्टिस सोनी श्रीवास्तव की खंडपीठ ने पारित किया।

मामला: 22 जून, 2016 की रात हुई थी हत्या

जानकारी के अनुसार, 22 जून, 2016 की रात मंटू कुमार को रुपये देने के बहाने बुलाया गया था, जिसके बाद वह लापता हो गया। दो दिन बाद धनरुआ क्षेत्र से उसका जला हुआ शव बरामद हुआ। मृतक के परिजनों की शिकायत पर जहानाबाद थाना में मामला दर्ज किया गया था।

छह सजायाफ्ताओं को ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सजा

पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। सत्र न्यायालय, जहानाबाद ने 13 दिसंबर, 2019 को सभी अभियुक्तों को भारतीय दंड विधान की धारा 302, 201, 120(बी) और 149 के तहत दोषी ठहराया और पांच साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा सुनाई।

पटना हाईकोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द किया

सजायाफ्ताओं ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के समर्थन में धारा 65-बी का प्रमाणपत्र पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि संदेह के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता।

इसलिए हाईकोर्ट ने सभी छह अभियुक्तों को बरी कर दिया और ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया।


 

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