SIT ने 25 से ज्यादा संदिग्धों के लिए ब्लड सैंपल भेजे, मूवमेंट मैप और कॉल डिटेल खंगाली
पटना। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत और यौन हिंसा मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। जांच की सबसे अहम कड़ी अब डीएनए प्रोफाइल मैचिंग है।
SIT ने 25 से अधिक संदिग्धों के ब्लड सैंपल लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। इन सैंपलों का मिलान मृतका के कपड़ों से मिले मानव स्पर्म अवशेषों से तैयार डीएनए प्रोफाइल से किया जाएगा।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि एक भी प्रोफाइल मैच हुई, तो पूरे केस की तस्वीर साफ हो जाएगी।
10 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री, बना मूवमेंट मैप
SIT ने छात्रा की 27 दिसंबर से 6 जनवरी तक की ट्रैवल और गतिविधियों की पूरी जानकारी खंगाल ली है। इसके आधार पर एक मूवमेंट मैप तैयार किया गया है, जिससे यह समझने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा किन-किन जगहों पर गई और किन लोगों से संपर्क में रही।
SSP ने की समीक्षा बैठक, हर एंगल पर जांच
गुरुवार को एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने SIT के साथ समीक्षा बैठक कर अब तक की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली।
बैठक में इन बिंदुओं पर खास फोकस रहा—
- किन-किन आधारों पर संदिग्धों के सैंपल लिए गए
- कहीं कोई अहम कड़ी छूट तो नहीं रही
- तकनीकी और जमीनी जांच में तालमेल
CDR, CCTV और संदिग्धों के मोबाइल खंगाले जा रहे
SIT की एक टीम तकनीकी जांच में जुटी है।
छात्रा की एक महीने की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को:
- हॉस्टल रजिस्टर
- सीसीटीवी फुटेज
- संदिग्धों के मोबाइल नंबर
से मिलाया जा रहा है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या किसी नंबर से बार-बार संपर्क हुआ या कोई संदिग्ध ऐसा है जो अब तक जांच से बाहर रहा हो।
मोबाइल डेटा बना अहम सबूत
पुलिस छात्रा के मोबाइल से जुड़े इन सवालों की भी पड़ताल कर रही है—
- गूगल पर नींद की दवा या आत्महत्या से जुड़े सर्च क्यों किए गए?
- किस समय मोबाइल किस टावर से कनेक्ट था?
- छात्रा की मानसिक स्थिति कैसी थी?
घटना की पूरी टाइमलाइन तैयार
SIT ने छात्रा के गांव से पटना लौटने से लेकर अस्पताल में भर्ती होने तक की पूरी टाइमलाइन तैयार की है।
सूत्रों के अनुसार, मेडिकल टीम ने सीन रीक्रिएशन भी किया है, ताकि हर मूवमेंट को समझा जा सके।
संदिग्ध से पूछताछ, पुलिस बोली— जांच जारी
गुरुवार को एक संदिग्ध को हिरासत में लेने की चर्चा थी, लेकिन SIT अधिकारियों ने इससे इनकार किया।
उनका कहना है कि अभी डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है और उसी के आधार पर अगली कार्रवाई होगी।
पूरा घटनाक्रम एक नजर में
- 5 जनवरी: छात्रा गांव से हॉस्टल लौटी
- 6 जनवरी: बेहोशी की हालत में निजी अस्पताल में भर्ती
- 11 जनवरी: इलाज के दौरान मौत
- 11 जनवरी: डॉक्टरों ने यौन शोषण से इंकार किया
- 12 जनवरी: पीएमसीएच में पोस्टमार्टम
- 15 जनवरी: रिपोर्ट में यौन हिंसा से इंकार नहीं
- 15 जनवरी: हॉस्टल मालिक गिरफ्तार
- 16 जनवरी: गृह मंत्री ने लिया संज्ञान
- 16 जनवरी: SIT गठित
- 17 जनवरी: ADG, IG, SSP मौके पर पहुंचे
- 25 जनवरी: फॉरेंसिक रिपोर्ट में मेल स्पर्म की पुष्टि
- 25 जनवरी: दो थानाध्यक्ष निलंबित
- 26 जनवरी: CID टीम की जांच


