पटना, 17 जुलाई 2025 | राजधानी पटना में एक बार फिर बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े गोलीबारी कर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित पारस अस्पताल में गुरुवार की सुबह बेऊर जेल से इलाज के लिए पैरोल पर आए कुख्यात चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
कमरा नंबर 209 में घुसकर मारी गोली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 6:30 बजे, पांच की संख्या में आए अपराधियों ने अस्पताल के कमरा संख्या 209 में घुसकर चंदन मिश्रा को कई गोलियां मारीं। वारदात के बाद सभी हमलावर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल चंदन मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
चंदन मिश्रा: हत्या के 10 से अधिक मामलों में आरोपी
चंदन मिश्रा मूल रूप से बक्सर का निवासी था और उस पर हत्या के 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। 2024 से वह पटना के बेऊर जेल में बंद था। कुछ समय पूर्व तबीयत खराब होने के चलते उसे पैरोल पर रिहा कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद वह बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम भी कर रहा था।
शूटरों की पहचान में जुटी पुलिस, CCTV खंगाले जा रहे
घटना की सूचना मिलते ही शास्त्रीनगर थाने की पुलिस, पटना एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा और पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला गैंगवार से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने कहा,
“कई राउंड गोली चलाई गई है। चंदन मिश्रा का आपराधिक इतिहास रहा है। ये मामला गैंगवार का लग रहा है। शूटरों के फोटो थानों को भेजे जा चुके हैं और उनकी पहचान की कोशिश जारी है।”
खुली चुनौती: पुलिस की नाक के नीचे हुई वारदात
राजधानी के पॉश इलाके में स्थित एक सुपर स्पेशियलिटी निजी अस्पताल में घुसकर हुई यह हत्या पुलिस को सीधी चुनौती मानी जा रही है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इससे पहले भी राजधानी पटना में चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका, वकील जितेंद्र मेहता, और दानापुर के स्कूल संचालक की भी गोली मारकर हत्या की जा चुकी है।
प्रशासन पर सवाल
लगातार हो रही सरेआम हत्याएं न केवल आम लोगों में अविश्वास और भय पैदा कर रही हैं, बल्कि पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रही हैं। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और गैंगवार की इस नई श्रृंखला पर लगाम लगाने में कितनी सफल होती है।


