
पटना में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत मामलों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी Tyagarajan S M ने जानकारी दी कि कुल 126 मामलों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर ₹3,47,800 का आर्थिक दंड लगाया गया है। इसके साथ ही 25 अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक ₹2,92,900 की राशि वसूल की जा चुकी है, जबकि शेष राशि शीघ्र जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय पर जुर्माना राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित अधिकारियों के वेतन से कटौती की जाएगी।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि लोक शिकायत मामलों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। नियमों के अनुसार प्रति लापरवाही मामले पर आर्थिक दंड का प्रावधान है।
समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि पिछले सप्ताह जिले में 165 नई शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि 218 मामलों का निष्पादन किया गया। सभी मामलों को निर्धारित 60 कार्य दिवस की समय-सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश दिया गया है और फिलहाल कोई भी आवेदन लंबित नहीं है।
प्रथम अपील के 12,200 मामलों में से 11,934 का निष्पादन हो चुका है, जबकि शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है। वहीं द्वितीय अपील के 4,683 मामलों में से 4,512 का निपटारा किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लोक शिकायत और RTPS मामलों में केवल निपटारा ही नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि लापरवाही पाए जाने पर अपीलीय प्राधिकार और अनुमंडल पदाधिकारी स्वयं सुनवाई करेंगे तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


