पटना में ‘फैशन डिजाइनर’ बनकर युवक को फंसाया, प्यार और शादी का झांसा देकर 74 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी

पटना में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक दोस्ती धीरे-धीरे प्रेमजाल में बदली और फिर करोड़पति बनने के सपने दिखाकर एक युवक से 74.92 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। साइबर अपराधियों ने इस बार बेहद सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। गिरोह में शामिल एक युवती ने खुद को फैशन डिजाइनर बताकर पहले युवक का भरोसा जीता, फिर शादी का प्रस्ताव देकर उसे भावनात्मक रूप से अपने प्रभाव में ले लिया। इसके बाद ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लाखों रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा लिए गए।

मामला सामने आने के बाद पीड़ित युवक ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की पड़ताल की जा रही है।

सोशल मीडिया से शुरू हुई बातचीत

जानकारी के अनुसार पटना सिटी इलाके में रहने वाले युवक की कुछ महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए एक युवती से बातचीत शुरू हुई थी। युवती ने खुद को एक फैशन डिजाइनर बताया और बड़े शहरों में काम करने का दावा किया।

शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। धीरे-धीरे युवती ने दोस्ती बढ़ाई और युवक के निजी जीवन के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। वह नियमित रूप से युवक से बात करती थी और हर दिन लंबे समय तक चैटिंग व कॉल करती थी।

साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अपराधी पहले शिकार का भरोसा जीतते हैं और फिर धीरे-धीरे उसे आर्थिक जाल में फंसाते हैं।

शादी का प्रस्ताव देकर बढ़ाया भरोसा

कुछ समय बाद युवती ने युवक के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। उसने दावा किया कि वह युवक के स्वभाव से काफी प्रभावित है और उसके साथ भविष्य बिताना चाहती है।

युवक पूरी तरह युवती की बातों पर भरोसा करने लगा। परिवार और भविष्य को लेकर भी दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इसी दौरान युवती ने अपने कथित लग्जरी लाइफस्टाइल और कमाई के बारे में जानकारी देना शुरू किया।

उसने युवक को बताया कि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के जरिए अच्छा मुनाफा कमाती है। युवती ने कुछ स्क्रीनशॉट और बैंक बैलेंस की तस्वीरें भी साझा कीं ताकि युवक को भरोसा हो जाए कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का दिया लालच

युवती ने युवक को एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी दी। उसने कहा कि इस प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से कम समय में भारी मुनाफा कमाया जा सकता है।

शुरुआत में युवक हिचकिचाया, लेकिन युवती लगातार उसे समझाती रही। उसने कहा कि वह खुद भी इसी प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है और रोजाना हजारों रुपये कमा रही है।

इसके बाद युवक ने छोटे स्तर पर निवेश शुरू किया। ट्रेडिंग साइट पर उसे लगातार मुनाफा दिखाई देने लगा। हर दिन बढ़ती रकम देखकर युवक का भरोसा और मजबूत हो गया।

यही साइबर ठगों की सबसे बड़ी चाल थी। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे फर्जी प्लेटफॉर्म शुरुआती दौर में नकली मुनाफा दिखाकर लोगों को ज्यादा पैसा लगाने के लिए प्रेरित करते हैं।

अलग-अलग खातों में जमा कराए लाखों रुपये

धीरे-धीरे युवक ने बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी। साइबर ठगों ने उसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए।

पीड़ित युवक ने कई किश्तों में कुल 74.92 लाख रुपये जमा कर दिए। हर बार उसे यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि उसका पैसा सुरक्षित है और जल्द ही उसे कई गुना मुनाफा मिलेगा।

साइबर गिरोह लगातार युवक को अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित करता रहा। कभी बोनस का लालच दिया गया तो कभी बताया गया कि अभी निवेश करने पर विशेष फायदा मिलेगा।

पैसे निकालने की कोशिश में टूटा भ्रम

कई महीनों तक निवेश करने के बाद युवक ने जब अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो उसे परेशानी होने लगी। पहले तकनीकी समस्या का बहाना बनाया गया, फिर टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और रकम मांगी गई।

जब युवक ने दबाव बनाना शुरू किया तो युवती और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों ने बातचीत कम कर दी। कुछ समय बाद कॉल और मैसेज का जवाब आना भी बंद हो गया।

तभी युवक को एहसास हुआ कि वह बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी परिवार को दी और साइबर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच में जुटी

मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।

साथ ही इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया प्रोफाइल और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की भी जांच हो रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा था।

प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित साइबर गिरोह का काम हो सकता है, जो सोशल मीडिया के जरिए लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर ठगी करता है।

तेजी से बढ़ रहे ‘लव स्कैम’

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के वर्षों में “लव स्कैम” या “रोमांस फ्रॉड” के मामलों में तेजी आई है। अपराधी सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से दोस्ती करते हैं।

कुछ समय तक भावनात्मक रिश्ता बनाने के बाद वे निवेश, बिजनेस या इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगना शुरू कर देते हैं। कई मामलों में लोग भावनात्मक रूप से इतने जुड़ जाते हैं कि बिना जांच-पड़ताल किए बड़ी रकम ट्रांसफर कर देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग अब केवल तकनीकी तरीके से ही नहीं बल्कि भावनात्मक स्तर पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

पटना पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। केवल सोशल मीडिया पर मिले व्यक्ति की बातों पर भरोसा करके पैसे ट्रांसफर करना खतरनाक हो सकता है।

साथ ही लोगों से कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ट्रेडिंग में गारंटीड मुनाफे का दावा करे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

युवाओं को सबसे ज्यादा बनाया जा रहा निशाना

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी खासकर युवाओं और नौकरीपेशा लोगों को निशाना बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग जल्दी ऐसे जाल में फंस जाते हैं।

ऑनलाइन रिश्तों में भरोसा और जल्दी पैसे कमाने की चाह कई बार लोगों को बड़े नुकसान तक पहुंचा देती है। यही वजह है कि अब साइबर अपराध केवल तकनीकी नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक रणनीति के साथ भी किए जा रहे हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि बैंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।

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