​राजधानी में डकैतों का सरेराह तांडव: कैशवैन को घेरकर 27 लाख की बड़ी लूट, सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीनकर खेत में फेंकी

पटना। बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए दिनदहाड़े डकैती की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बुधवार की दोपहर गोपालपुर थाना क्षेत्र के मरचा-मर्ची रोड पर जोल बिगहा के समीप हथियारबंद अपराधियों ने एक निजी सुरक्षा कंपनी की कैशवैन को निशाना बनाया। अपराधियों ने न केवल वैन में रखे 27 लाख रुपये लूट लिए, बल्कि विरोध करने पर वैन के कर्मियों के साथ मारपीट की और सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीनकर पास के खेत में फेंक दी। सरेराह हुई इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस की गश्ती व सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, कैशवैन संपतचक स्थित बिग बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नकदी संग्रहित कर लौट रही थी, तभी घात लगाए अपराधियों ने इस दुस्साहसिक कृत्य को अंजाम दिया।

घेराबंदी और हथियारों के बल पर खौफ का खेल

​वारदात की पटकथा बुधवार दोपहर करीब तीन बजे लिखी गई, जब चेन्नई की प्रसिद्ध सीएमएस सिक्योरिटी कंपनी की कैशवैन (नंबर-BR01 GH 6496) मरचा-मर्ची रोड से गुजर रही थी। जैसे ही वैन जोल बिगहा गांव के समीप पहुँची, दो बाइकों पर सवार पांच नकाबपोश अपराधियों ने उसे आगे से ओवरटेक कर रास्ता रोक दिया। अपराधियों के पास अत्याधुनिक पिस्तौलें थीं। वैन के रुकते ही अपराधी तेजी से वाहन की ओर झपटे। चालक अरुण कुमार ने जब भागने का प्रयास किया, तो अपराधियों ने पिस्तौल की बट से उस पर हमला कर दिया।

​कैशवैन में मौजूद सुरक्षा गार्ड जितेंद्र सिंह ने जैसे ही अपनी बंदूक ताननी चाही, तीन अपराधियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। अपराधियों ने न केवल गार्ड को काबू में किया, बल्कि उनकी बंदूक और कारतूस छीनकर पास के खेत में दूर फेंक दिए ताकि कोई जवाबी फायरिंग न हो सके। इस बीच, वैन के भीतर मौजूद कस्टोडियन विपिन कुमार ने जब रुपयों वाली पेटी (बक्सा) देने से इनकार किया, तो अपराधियों ने उनके सिर पर पिस्तौल की बट से प्रहार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। लहूलुहान विपिन कुमार के पास विरोध करने की शक्ति नहीं बची और अपराधी महज चंद मिनटों के भीतर 27 लाख रुपये से भरा बक्सा लेकर अपनी बाइकों से फरार हो गए।

सुरक्षा मानकों की बड़ी अनदेखी: पुलिस के निशाने पर कंपनी

​घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार, फुलवारीशरीफ एएसपी और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुँची। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियां नजर आई हैं। सिटी एसपी परिचय कुमार ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि वारदात के समय कैशवैन का मुख्य गेट लॉक नहीं था, जो कि सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन है। इसके अलावा, वाहन के शीशे भी खुले हुए थे, जिससे अपराधियों को वैन के भीतर घुसने और कर्मियों को डराने में काफी आसानी हुई।

​पुलिस अधिकारियों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का परिवहन करते समय कंपनी के अधिकारियों ने स्थानीय थाने को कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। नियमतः, बड़ी राशि के ट्रांजिट के दौरान स्थानीय पुलिस को अलर्ट करना होता है ताकि गश्ती दल उस रूट पर सक्रिय रहे। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या अपराधियों को वैन के रूट और समय की सटीक जानकारी पहले से थी। कैशवैन के चालक, गार्ड और कस्टोडियन से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि कहीं इस वारदात में कोई अंदरूनी मुखबिर तो शामिल नहीं था।

प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती: ‘गोली मारने की मिल रही थी धमकी’

​सुरक्षा गार्ड जितेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि अपराधी पूरी तैयारी के साथ आए थे। उनके चेहरे ढके हुए थे और वे लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। जितेंद्र सिंह के अनुसार, अपराधियों ने चिल्लाते हुए कहा था कि “अगर किसी ने शोर मचाया या बंदूक उठाई तो यहीं खोपड़ी उड़ा देंगे।” चालक अरुण कुमार ने बताया कि तीन अपराधियों के हाथ में हथियार थे और वे सीधे वैन के गेट की ओर लपके। उन्होंने बताया कि मरचा-मर्ची रोड पर उस समय आवाजाही कम थी, जिसका फायदा अपराधियों ने उठाया।

​वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी जोल बिगहा की संकरी गलियों से होते हुए मुख्य मार्ग की ओर भाग निकले। चश्मदीदों के अनुसार, अपराधी काली और लाल रंग की पल्सर बाइक पर सवार थे। लूट की इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भी काफी डर देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि दोपहर के समय इस तरह की वारदात होना दर्शाता है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि बाइक के नंबर और अपराधियों के हुलिए की पहचान की जा सके।

पुलिसिया घेराबंदी और अपराधियों की तलाश

​लूट की इतनी बड़ी घटना के बाद पटना पुलिस मुख्यालय ने पूरे शहर में नाकाबंदी के आदेश दिए हैं। गोपालपुर, फुलवारीशरीफ, परसा बाजार और संपतचक के सभी निकास द्वारों पर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही है। सिटी एसपी परिचय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें तकनीकी सेल के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। पुलिस उन संदिग्धों की सूची भी तैयार कर रही है जो हाल के दिनों में जेल से छूटे हैं और पहले भी लूट की वारदातों में शामिल रहे हैं।

​विशेषज्ञों का मानना है कि डकैतों ने इस वारदात से पहले कई दिनों तक कैशवैन की रेकी की होगी। उन्हें पता था कि वैन किस समय बिग बाजार से कैश कलेक्ट करती है और किस रास्ते से वापस मुख्यालय लौटती है। चेन्नई की सीएमएस सिक्योरिटी कंपनी के स्थानीय प्रबंधकों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है कि उन्होंने सुरक्षा के निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया। घायल कर्मी विपिन कुमार का प्राथमिक उपचार कराया गया है, और उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया जाएगा, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजधानी की सड़कों पर बढ़ती असुरक्षा

​पटना में पिछले कुछ समय में कैशवैन और पेट्रोल पंप कर्मियों के साथ लूट की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। मरचा-मर्ची रोड पर हुई यह डकैती पुलिस गश्ती के दावों पर सवालिया निशान लगाती है। जिस स्थान पर वारदात हुई, वहां से थाना कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है। व्यापारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच अब इस घटना को लेकर काफी असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। शहर के व्यावसायिक संगठनों ने भी मांग की है कि कैश ट्रांजिट के दौरान पुलिस सुरक्षा को और अधिक पुख्ता किया जाए।

​फिलहाल पुलिस की टीमें अपराधियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह भी जांच का विषय है कि अपराधियों ने गार्ड की बंदूक को लूटने के बजाय उसे खेत में क्यों फेंका—विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधी केवल रुपयों के पीछे थे और वे बंदूक लेकर अपनी पहचान उजागर होने या पकड़े जाने के जोखिम को बढ़ाना नहीं चाहते थे। पुलिस ने दावा किया है कि मोबाइल टावर डंप डेटा और सीसीटीवी की मदद से गिरोह के करीब पहुँचा जा रहा है। डकैती की इस बड़ी वारदात ने राजधानी पटना के सुरक्षा चक्र में लगी सेंध को पूरी तरह उजागर कर दिया है।

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