पटना, 24 सितंबर: राज्य सरकार ने यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) को अनिवार्य किया है। इसका उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर परिवहन विभाग ने डेढ़ साल में 213 वाहनों से कुल 67,09,500 रुपये का जुर्माना वसूला है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 146 वाहनों पर 45,99,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 67 वाहन मालिकों को 21,10,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
रियल-टाइम ट्रैकिंग से बढ़ी सुरक्षा
परिवहन विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से स्कूल वैन, कैब, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक यात्री वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जाती है। नियम के तहत सभी वाहनों में वीएलटीडी सिस्टम सक्रिय होना अनिवार्य है।
जुर्माना की दर
वाहनों की फिटनेस और परमिट जांच के दौरान वीएलटीडी सिस्टम की स्थिति तीन दिनों तक मॉनिटर की जाती है। यदि एक दिन भी सिस्टम बंद पाया जाता है, तो वाहन मालिक पर 10,500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। तीन दिनों तक बंद रहने पर कुल 31,500 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है।
यात्रियों की सुरक्षा में वीएलटीडी की अहमियत
विभाग का कहना है कि वीएलटीडी सिस्टम विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखकर लागू किया गया है। यह व्यवस्था वाहनों की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करती है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होती है।


