पटना | 28 फरवरी, 2026: बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर दहल उठी है। आलमगंज थाना क्षेत्र के दादरमंडी में शनिवार दोपहर करीब 11:30 बजे बेखौफ अपराधियों ने एक दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। घर में मौजूद 45 वर्षीया राशन दुकानदार सुलेखा गुप्ता की तेज हथियार से गोदकर हत्या कर दी गई। सुलेखा के पति पन्टू कुमार गुप्ता पटना सिटी व्यवहार न्यायालय में मुंशी के पद पर कार्यरत हैं।
खून से लथपथ मिलीं सुलेखा: बचाव की कोशिश में भी मिले गहरे जख्म
घटना के समय सुलेखा का 17 वर्षीय इकलौता बेटा आयुष घर की ऊपरी मंजिल पर मौजूद था, जबकि उनकी सास अहिल्या देवी बाजार खरीदारी करने गई हुई थीं। पति पन्टू कुमार हमेशा की तरह सुबह कोर्ट के लिए निकल चुके थे। अपराधियों ने घर में सुलेखा को अकेला पाकर इस नृशंस वारदात को अंजाम दिया।
दोपहर करीब 11:45 बजे जब पति को सूचना मिली और वे भागते हुए घर पहुँचे, तो सुलेखा खून से लथपथ पड़ी थीं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- नृशंसता की पराकाष्ठा: अपराधियों ने सुलेखा की गर्दन और जबड़े पर कई घातक प्रहार किए थे।
- संघर्ष के निशान: शव की स्थिति और हथेलियों पर मौजूद जख्मों से साफ पता चलता है कि सुलेखा ने मौत से पहले दरिंदों से कड़ा संघर्ष किया था। हमलावरों की संख्या एक से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस का दावा: “अपराधी की पहचान कर ली गई है”
वारदात की सूचना मिलते ही डीएसपी-1 राजकिशोर सिंह और आलमगंज थानाध्यक्ष राहुल कुमार ठाकुर अस्पताल और घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने एफएसएल (FSL) टीम को बुलाकर मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।
- सीसीटीवी और सुराग: पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और परिजनों के बयान के आधार पर अहम सुराग मिले हैं।
- जल्द गिरफ्तारी: थानाध्यक्ष राहुल कुमार ठाकुर ने आधिकारिक बयान में कहा कि मुख्य संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और पुलिस की टीमें गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। शाम करीब 5 बजे कागजी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
VOB का नजरिया: दिनदहाड़े हत्या से राजधानी की सुरक्षा पर बड़े सवाल
पटना के घनी आबादी वाले इलाके में दिन के 11:30 बजे किसी के घर में घुसकर हत्या कर देना अपराधियों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है। मृतका के पति खुद न्यायालय में मुंशी हैं, जो कानून प्रक्रिया की एक अहम कड़ी हैं। उनके परिवार के साथ हुई यह घटना आम नागरिकों में असुरक्षा का भाव पैदा करती है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि पुलिस केवल ‘पहचान’ का दावा न करे, बल्कि अपराधियों को पकड़कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए इस परिवार को तुरंत न्याय दिलाए।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


