
पटना सिटी इलाके की एक युवती डिजिटल दुनिया के धोखे और सामाजिक ब्लैकमेलिंग का शिकार हुई है। शादी का प्रलोभन देकर एक युवक ने न केवल युवती का भरोसा जीता बल्कि उसे एक होटल में बुलाकर उसकी गरिमा के साथ खिलवाड़ किया। आरोपी ने छिपकर युवती की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए और अब उन दृश्यों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। घबराई हुई पीड़िता ने इस पूरे मामले को लेकर पटना के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
तस्वीर के जरिए शुरू हुई थी बातचीत, दो महीने में जीता भरोसा
इस डिजिटल युग में सोशल मीडिया और वैवाहिक माध्यमों से होने वाली बातचीत कभी-कभी कितना खतरनाक रूप ले सकती है, यह घटना इसका ताजा उदाहरण है। पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार, करीब दो महीने पहले उसके परिवार के पास शादी के सिलसिले में एक युवक की तस्वीर आई थी। तस्वीर देखने और शुरुआती तौर पर बातचीत आगे बढ़ाने की सहमति के बाद दोनों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ।
धीरे-धीरे बातचीत का यह दायरा बढ़ा और युवक ने युवती का पूरी तरह से विश्वास जीत लिया। युवक ने खुद को शादी के लिए पूरी तरह से तैयार बताते हुए युवती से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जताई। जब वह युवक कुछ दिनों पहले पटना आया, तो उसने युवती को बातचीत करने और भविष्य की योजनाएं बनाने के बहाने एक होटल में बुलाया। युवती बिना किसी संशय के और युवक को अपना होने वाला जीवनसाथी मानकर उससे मिलने होटल पहुंच गई।
कमरे में छिपाकर बनाया वीडियो, फिर व्हाट्सएप पर दी धमकी
होटल के कमरे में रहने के दौरान युवक ने बेहद शातिराना तरीके से और युवती की जानकारी के बिना कुछ आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। पीड़िता को इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि जिस शख्स पर वह आंख मूंदकर भरोसा कर रही है, वह उसकी अस्मत और निजता का सौदा करने की तैयारी कर रहा है। मुलाकात खत्म होने के बाद युवक वापस चला गया और उसके कुछ समय बाद ही युवती के व्हाट्सएप नंबर पर कुछ आपत्तिजनक वीडियो क्लिप्स आए।
इन वीडियो को देखकर युवती के होश उड़ गए, क्योंकि ये वही दृश्य थे जो होटल के कमरे में गुप्त रूप से फिल्माए गए थे। इसके तुरंत बाद युवक ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। उसने युवती पर अपनी बातें मानने और नाजायज मांगें पूरी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। युवक ने साफ शब्दों में धमकी दी है कि यदि युवती ने उसकी शर्तें नहीं मानीं या इस बात की जानकारी अपने परिवार या पुलिस को दी, तो वह इन वीडियो और तस्वीरों को इंटरनेट, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल कर देगा, जिससे समाज में युवती और उसके परिवार की बदनामी हो जाएगी।
साइबर थाने की पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, तकनीकी जांच शुरू
इस मानसिक प्रताड़ना और लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और अपने स्तर पर इस अपराध के खिलाफ लड़ने का फैसला किया। उसने पटना के साइबर थाने पहुंचकर अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई और युवक के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। साइबर थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट और ब्लैकमेलिंग की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष अभय कुमार ने बताया कि पुलिस इस मामले को तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खंगाल रही है। पुलिस ने पीड़िता के मोबाइल पर आए उन वीडियो क्लिप्स और जिस नंबर से वे भेजे गए थे, उसका विवरण अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले की जांच के लिए साइबर सेल की एक विशेष टीम को लगाया गया है जो तकनीकी साक्ष्यों को इकट्ठा करने में जुटी है।
होटल के रिकॉर्ड और आईपी एड्रेस की हो रही है पहचान
पुलिस सबसे पहले उस व्हाट्सएप नंबर की आईपी एड्रेस और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड खंगाल रही है जिसके जरिए धमकियां दी जा रही हैं। इसके साथ ही, पटना के उस होटल की भी शिनाख्त की जा रही है जहां युवती को बुलाया गया था। पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज और वहां के एंट्री रजिस्टर की जांच करेगी ताकि यह पता चल सके कि युवक ने किस नाम और पहचान पत्र के आधार पर कमरा बुक कराया था।
कई बार ऐसे मामलों में अपराधी फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए पुलिस होटल प्रबंधन से भी पूछताछ कर सकती है कि क्या कमरे की बुकिंग के समय नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया था या नहीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की योजना बनाई जा रही है।
बढ़ते साइबर अपराधों के बीच सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत
पटना और आसपास के शहरी इलाकों में हाल के दिनों में मैट्रीमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर ब्लैकमेल करने के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। साइबर विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान या कम जाने-पहचाने व्यक्ति से सोशल मीडिया पर बातचीत करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। शादी की बात अंतिम रूप से तय होने से पहले किसी भी सुनसान जगह या होटल के कमरों में अकेले मिलने से बचना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति इस तरह के जाल में फंस जाता है, तो उसे डरने के बजाय तुरंत पुलिस या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए, क्योंकि अपराधियों के सामने झुकने से उनका दुस्साहस और बढ़ जाता है। फिलहाल कंकड़बाग और पटना सिटी के सीमावर्ती थानों को भी इस संबंध में अलर्ट किया गया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार जाल बिछा रही है और उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स के सहारे उसे दबोचने का प्रयास किया जा रहा है।


