राजधानी पटना के बहुचर्चित गैंगस्टर चंदन मिश्रा हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में मुख्य शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह सहित चार आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है। पटना पुलिस ने इन सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हत्या की साजिश समनपुरा में रची गई
पटना के समनपुरा निवासी नीशू खान, जो तौसीफ का मौसेरा भाई है, को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, हत्या की पूरी साजिश नीशू के घर पर रची गई थी, जहां मुख्य शूटर तौसीफ, मोनू सिंह, बलवंत सिंह, अभिषेक और नीलेश मौजूद थे। वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी नीशू की थी।
अस्पताल में की गई रेकी, फिर की गई हत्या
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले से पारस अस्पताल की रेकी की थी और पूरी योजना के अनुसार दिनदहाड़े अस्पताल में घुसकर चंदन मिश्रा की हत्या कर दी गई। घटना के बाद से ही पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे थे।
मीडिया रिपोर्टिंग पर SSP का गुस्सा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में SSP कार्तिकेय शर्मा ने कुछ मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा:
“अगर कुछ फर्जी खबरें न चलाई गई होतीं, तो हम आरोपियों को और जल्दी पकड़ सकते थे। असत्य रिपोर्टिंग ने जांच को भटकाने का काम किया है।”
SSP ने यह भी चेतावनी दी कि फेक न्यूज फैलाने वाले मीडिया संस्थानों को शोकॉज नोटिस भेजा जाएगा और उनसे जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने मीडिया से संवेदनशील मामलों में संयम बरतने और पुष्टि के बिना समाचार न प्रकाशित करने की अपील की।
3 शूटर अब भी फरार
अब तक इस हत्याकांड में चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन तीन अन्य शूटर अभी भी फरार हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।
यह गिरफ्तारी न सिर्फ इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में बड़ा मोड़ है, बल्कि मीडिया और कानून व्यवस्था के बीच की भूमिका को लेकर भी नई बहस को जन्म देती है।


