एसआईटी ने जांच तेज की, जमीन विवाद और कारोबारी रंजिश की हो रही जांच
पटना | पटना के चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एसआईटी की टीम ने पटना और आसपास के इलाकों में अब तक 14 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 15 अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।
हत्या के पीछे जमीन विवाद या कारोबारी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। पुलिस शूटर और मास्टर माइंड की पहचान में जुटी है।
IG ने दिए निर्देश, क्लब से घर तक के CCTV फुटेज की जांच
पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और उनके आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि लाइनर (खेमका की गतिविधियों की जानकारी देने वाला व्यक्ति) बांकीपुर क्लब से उनके घर तक की निगरानी कर रहा था। इस वजह से बांकीपुर क्लब से गांधी मैदान स्थित कटारुका निवास तक के CCTV फुटेज की गहन जांच की जा रही है।
फतुहा, वैशाली और आरा में भी दबिश
सूत्रों के अनुसार, पुलिस की टीम ने फतुहा, वैशाली और आरा में भी दबिश दी है। इसी दौरान, खेमका के घर के पास से एक संदिग्ध को देर रात हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
बेऊर जेल में छापा, तीन कक्षपाल निलंबित
खेमका हत्याकांड से जुड़ी संभावित साजिश की कड़ी तलाशते हुए पुलिस ने बेऊर जेल में भी शनिवार देर रात छापा मारा। छापेमारी के दौरान एक वार्ड से मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसके बाद जेल प्रशासन ने तीन कक्षपालों को तत्काल निलंबित कर दिया है।
कारा अधीक्षक नीरज कुमार झा ने बताया कि कक्षपाल अंतोष कुमार सिंह, आशीष कुमार और ओम कुमार गुप्ता को निलंबित किया गया है।
इसके अलावा उपाधीक्षक नीरज कुमार रजक, सहायक अधीक्षक अजय कुमार और दफा प्रभारी गिरीज यादव से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
संपूर्ण मामले पर नजर बनाए हुए है प्रशासन
खेमका हत्याकांड को लेकर राजधानी में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर विपक्ष के नेता तक इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर चुके हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जल्द ही कुछ बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।


