
पटना में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। राजधानी के बेऊर थाना क्षेत्र के टॉप-10 अपराधियों में शामिल कुख्यात आरोपी अनीश कुमार उर्फ मोनू सिंह को संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया है। लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी और उस पर लूट, छिनतई तथा अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि कई पुराने मामलों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई। बेऊर थाना पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया, जिसके बाद आरोपी को पटना से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि अनीश कुमार उर्फ मोनू सिंह लंबे समय से पुलिस की निगरानी सूची में था और बेऊर थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की टॉप-10 सूची में शामिल था।
जानकारी के मुताबिक आरोपी मूल रूप से सुपौल जिले के वार्ड नंबर-15 का रहने वाला है। हालांकि पिछले कुछ समय से वह पटना और आसपास के इलाकों में सक्रिय था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं और वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। यही वजह है कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मान रही है।
बेऊर थाना में दर्ज मामलों के अनुसार आरोपी पर लूट और छिनतई की कई घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कई प्राथमिकी दर्ज हैं। इनमें धारा 392 और 411 जैसे गंभीर प्रावधान शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी केवल अकेले वारदात को अंजाम नहीं देता था, बल्कि उसके साथ एक संगठित गिरोह भी सक्रिय हो सकता है।
राजधानी पटना में पिछले कुछ महीनों से अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। खासकर ऐसे अपराधियों को चिन्हित किया गया है जो लूट, छिनतई, रंगदारी और सड़क अपराधों में शामिल रहे हैं। बेऊर थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने कई अपराधियों की सूची तैयार की थी, जिसमें मोनू सिंह का नाम प्रमुख रूप से शामिल था। पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि वह शहर में सक्रिय है और किसी बड़ी वारदात की योजना बना सकता है।
इसी बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी पटना में मौजूद है। सूचना मिलते ही बेऊर थाना पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर संयुक्त रणनीति तैयार की। इसके बाद संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी को पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के समय उसने बचने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को शक है कि राजधानी और आसपास के इलाकों में हुई कई घटनाओं में उसका हाथ हो सकता है। पूछताछ के आधार पर अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी भी संभव मानी जा रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर पटना पुलिस पिछले कुछ समय से सख्त नजर आ रही है। शहर में लगातार हो रही लूट और छिनतई की घटनाओं के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ा था। ऐसे में टॉप-10 अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर विशेष अभियान शुरू किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेऊर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही थी। खासकर रात के समय राहगीरों और व्यापारियों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही थीं। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है। कई लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार कार्रवाई होती रही तो अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मोनू सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों में कई ऐसे केस शामिल हैं जिनमें पीड़ितों से हथियार के बल पर लूटपाट की गई थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या आरोपी किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था। उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
एसटीएफ की भूमिका भी इस कार्रवाई में अहम मानी जा रही है। बिहार में संगठित अपराध और वांछित अपराधियों के खिलाफ STF लगातार सक्रिय अभियान चला रही है। कई मामलों में STF ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पटना पुलिस ने साफ किया है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। चाहे अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकेगा। पुलिस आयुक्तालय की ओर से सभी थानों को सक्रिय रहने और अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल अनीश कुमार उर्फ मोनू सिंह को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। वहीं जांच एजेंसियां उससे जुड़े अन्य अपराधियों और मामलों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पटना में बढ़ते अपराध के बीच यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इससे न केवल अपराधियों में डर का माहौल बनेगा बल्कि आम लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत होगा।


