पटना | 10 मार्च, 2026: बिहार के युवाओं के ‘ग्लोबल करियर’ के सपनों को पंख लगाने के लिए विदेश मंत्रालय ने एक अनूठी पहल की है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना द्वारा “पासपोर्ट सेवा – पासपोर्ट आपके द्वार” अभियान के तहत मंगलवार को राजधानी के प्रतिष्ठित सेंट माइकल्स हाई स्कूल में एक दिवसीय ‘पासपोर्ट मोबाइल वाहन शिविर’ का सफल आयोजन किया गया। अब छात्रों को पासपोर्ट दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, बल्कि दफ्तर खुद उनके स्कूल पहुँचा है।
[उद्घाटन] – शिक्षा और कूटनीति का संगम
शिविर का भव्य शुभारंभ सेंट माइकल्स हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टू और क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (IFS) श्रीमती स्वधा रिज़वी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
- लक्ष्य: इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और आसपास के शैक्षणिक संस्थानों के आवेदकों को बिना किसी भाग-दौड़ के पासपोर्ट सुविधा उपलब्ध कराना था।
- उत्साह: उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे छात्रों में इस मोबाइल वैन को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा गया।
[सुविधाएं] – एक वैन में पूरा ‘पासपोर्ट ऑफिस’
सेंट माइकल्स परिसर में खड़ी इस हाई-टेक मोबाइल वैन के भीतर आवेदकों को वे तमाम सुविधाएं मिलीं, जो एक सामान्य पासपोर्ट केंद्र पर मिलती हैं:
- दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): मौके पर ही कागजातों की जांच।
- बायोमेट्रिक डेटा संग्रहण: उंगलियों के निशान और फोटो लेने की प्रक्रिया।
- त्वरित आवेदन: आवेदन जमा करने की सभी औपचारिकताएं मिनटों में पूर्ण।
[सफलता का आंकड़ा] – बिहार के 1800 आवेदकों को मिला लाभ
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी स्वधा रिज़वी ने बताया कि यह विभाग द्वारा आयोजित 15वाँ मोबाइल शिविर था।
- अब तक का सफर: बिहार के विभिन्न जिलों में ऐसे शिविरों के माध्यम से अब तक लगभग 1,800 आवेदकों को लाभान्वित किया जा चुका है।
- प्रशासन का सहयोग: उन्होंने सेंट माइकल्स प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उपक्रमों से पासपोर्ट सेवाएं नागरिकों के और करीब आ रही हैं।
[अलर्ट] – अगला पड़ाव: भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज!
पटना के बाद अब इस मोबाइल वैन का अगला लक्ष्य सिल्क सिटी भागलपुर है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय नेभागलपुर के युवाओं के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है:
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स्थान |
तारीख |
उद्देश्य |
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भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज |
17 से 19 मार्च, 2026 |
पासपोर्ट सेवाओं का विस्तार और सुलभता |
VOB का नजरिया: डिजिटल इंडिया की ‘हवा’ में उड़ते पासपोर्ट!
अक्सर पासपोर्ट बनवाना एक जटिल प्रक्रिया माना जाता था, लेकिन ‘पासपोर्ट मोबाइल वैन’ ने इस धारणा को बदल दिया है। सेंट माइकल्स जैसे स्कूलों से इसकी शुरुआत करना एक मास्टरस्ट्रोक है, क्योंकि भविष्य के ‘ग्लोबल सिटीजन’ यहीं तैयार हो रहे हैं। भागलपुर के छात्रों के लिए भी यह एक सुनहरा मौका है। उम्मीद है कि भविष्य में यह वैन केवल बड़े कॉलेजों तक सीमित न रहकर सुदूर जिलों के प्रखंडों तक भी पहुँचेगी।


