
भागलपुर / बांका, 17 जुलाई 2025 – सावन महीने में बासुकीनाथ धाम जाने वाले कांवरियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा को लेकर प्रशासन द्वारा किए गए विशेष यातायात प्रबंध अब आम लोगों की परेशानी का कारण बन गए हैं। सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार शाम तक झारखंड-बिहार सीमा पर कई मार्गों पर तीव्र जाम की स्थिति बनी रही, जिससे भागलपुर आने-जाने वाली सैकड़ों गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं।
10 घंटे तक फंसी रही नाइट बसें
कोलकाता, रांची, धनबाद और झारखंड के अन्य शहरों से भागलपुर आने वाली रात्रिकालीन बस सेवाएं 10 घंटे तक जाम में फंसी रहीं। यात्रियों को न सिर्फ लंबा इंतजार करना पड़ा, बल्कि कई यात्रियों की रेलगाड़ियाँ और मेडिकल अपॉइंटमेंट भी छूट गए।
प्रशासनिक नो-एंट्री बनी कारण
बासुकीनाथ में कांवरियों की भीड़ और सुगमता को देखते हुए झारखंड और बिहार सरकार ने रविवार की रात को सभी भारी वाहनों के प्रवेश पर नो-एंट्री लागू की थी। सोमवार सुबह नो-एंट्री हटते ही विभिन्न राज्यों से भारी वाहनों की लगभग 30 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। इससे प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
बौंसी थानाध्यक्ष ने भारी संख्या में पुलिस बल के साथ जाम छुड़ाने का प्रयास किया और महाराणा से भलजोर तक वाहनों की धीरे-धीरे आवाजाही शुरू करवाई गई।
भागलपुर शहर में भी यातायात चरमराया
मंगलवार को दोपहर 12 बजे के आसपास भागलपुर शहर के तातारपुर से परबत्ती चौक तक भीषण जाम देखने को मिला।
- रेलवे फाटक बंद होने के कारण कई दोपहिया और चारपहिया वाहन कई मिनटों तक वहीं फंसे रहे।
- मुस्लिम स्कूल के पास छात्रों से भरी कई स्कूल बसें भी जाम में फंसी रहीं, जिससे बच्चों को समय पर स्कूल से घर पहुंचने में देर हुई।
- कई यात्रियों की ट्रेनें छूट गईं और आम लोगों को घंटों जाम में इंतजार करना पड़ा।
प्रशासन ने की अपील
जाम से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जरूरी होने पर ही यात्रा करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। साथ ही यात्रियों को सावधान किया गया है कि बासुकीनाथ और आसपास के मार्गों पर भारी भीड़ और कांवरियों की संख्या के चलते अगले कुछ दिनों तक ट्रैफिक बाधित रह सकता है।


