पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सीमांचल की पहचान और अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक साजिश बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
पूर्णिया समाचार: बिहार के सीमांचल क्षेत्र को लेकर इन दिनों चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक सीमांचल को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे।
मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि सीमांचल की जनता की अपनी अलग पहचान, संस्कृति और इतिहास है। ऐसे में इस क्षेत्र को केंद्र के सीधे नियंत्रण में लाने की चर्चा लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम से क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि नई राजनीतिक बहस और विवाद खड़े होंगे।
सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सीमांचल को लेकर हो रही चर्चाओं के पीछे राजनीतिक रणनीति काम कर रही है। उनके मुताबिक कुछ लोग इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सीमांचल की जनता को विकास चाहिए, न कि ऐसी योजनाएं जो क्षेत्र की पहचान को प्रभावित करें।
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में सीमांचल और आसपास के इलाकों के विकास को लेकर गंभीर है, तो उसे इस क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल जैसे पिछड़े इलाकों के विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जानी चाहिए, ताकि यहां के लोगों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में गरीबी, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी कई चुनौतियां हैं, जिन पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। केवल प्रशासनिक बदलाव से इन समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
पप्पू यादव ने भावुक अंदाज में कहा कि सीमांचल की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि बनाकर संसद भेजा है और वह क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर इस मुद्दे पर किसी तरह का निर्णय लिया जाता है तो वह सड़क से लेकर संसद तक इसका विरोध करेंगे।
उन्होंने अंत में कहा कि सीमांचल की जनता के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्र के विकास और लोगों के हितों की रक्षा के लिए वह लगातार संघर्ष करते रहेंगे।


