
- बाघ की दस्तक: गया के डुमरिया प्रखंड में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य में जुटे कर्मियों और ग्रामीणों ने देखा बाघ; पूरे इलाके में दहशत का माहौल।
- पहली बार दिखा: छकरबंधा थाना क्षेत्र के छरा पत्थर और खड़ाऊ गांव के जंगलों में शुक्रवार की देर शाम हुई हलचल; ग्रामीणों के मुताबिक इस इलाके में पहली बार नजर आया बाघ।
- अलर्ट मोड: वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची; पंजों के निशान खोजे जा रहे, वनपाल ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
द वॉयस ऑफ बिहार (गया/डुमरिया)
गया (Gaya) जिले के सुदूरवर्ती जंगली इलाकों में बाघ (Tiger) की चहलकदमी से हड़कंप मच गया है। जिले के डुमरिया प्रखंड (Dumaria Block) अंतर्गत छकरबंधा थाना क्षेत्र (Chakarbandha Thana) के जंगलों में शुक्रवार की देर शाम एक बाघ देखा गया है। इसके बाद से ही आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
एक्सप्रेसवे के कामगारों ने बनाया वीडियो
इस इलाके में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे (Varanasi-Kolkata Expressway) का निर्माण कार्य चल रहा है।
- घटना: शुक्रवार शाम को निर्माण कार्य में लगे कर्मियों और छरा पत्थर व खड़ाऊ गांव के ग्रामीणों ने बाघ को विचरण करते देखा।
- वीडियो: प्रत्यक्षदर्शियों ने बाघ की गतिविधियों को अपने मोबाइल कैमरे में कैद भी किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवर तो अक्सर दिखते हैं, लेकिन इस इलाके में पहली बार बाघ देखा गया है।
कोई नुकसान नहीं, लेकिन डर कायम
गनीमत रही कि बाघ ने अब तक किसी इंसान या मवेशी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। हालांकि, डर के कारण ग्रामीण अपनी सुरक्षा के इंतजाम में जुट गए हैं।
वन विभाग की टीम कर रही सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलते ही वन विभाग (Forest Department) की टीम हरकत में आ गई और गांव में डेरा डाल दिया है।
- जांच: टीम बाघ के पंजों के निशान (Pugmarks) और उसके जाने की दिशा का पता लगा रही है। जिस दिशा में ग्रामीणों ने बाघ को जाते देखा, उधर सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
- अपील: वनपाल कुलदीप चौहान (Kuldeep Chauhan) ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। विभाग हर स्थिति पर नजर रख रहा है और प्राथमिकता यह है कि बाघ और ग्रामीण दोनों सुरक्षित रहें।
जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों के पास दिखना चिंताजनक है।


