11 दिसंबर 2025 का पंचांग: आज भैरव अष्टमी, जानें तिथि, नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति

गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व लेकर आया है। आज पौष मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि का प्रारंभ होगा। 11 दिसंबर को भैरव अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है, जो भगवान भैरव के आराधना दिवस के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस दिन के ग्रह-नक्षत्र, योग, चंद्रमा की राशि और दिशा शूल सभी किसी भी शुभ कार्य की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आइए जानते हैं आज के विस्तृत पंचांग की पूरी जानकारी।

आज का विस्तृत पंचांग

तिथि: सप्तमी (दोपहर 1:58 बजे तक), इसके बाद अष्टमी
वार: गुरुवार
विक्रमी संवत: 2082
राष्ट्रीय शक संवत: 1947
माह: मार्गशीर्ष, कृष्ण पक्ष
हिजरी साल: 1447, माह जमादि उल्सानी
जालंधर सूर्योदय: प्रात: 7:20 बजे
जालंधर सूर्यास्त: सायं 5:21 बजे

नक्षत्र और योग

नक्षत्र:
• पूर्वा फाल्गुनी – (रात 3:56 बजे तक)
• इसके बाद उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र आरंभ

योग:
• विष्कुम्भ – दोपहर 11:40 बजे तक
• उसके बाद प्रीति योग प्रभावी

चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति

आज चंद्रमा सिंह राशि में पूरे दिन और रात विचरण करेगा, जो आत्मविश्वास, नेतृत्व और सक्रियता की ऊर्जा प्रदान करता है।
अन्य ग्रहों की स्थिति इस प्रकार है:

• सूर्य – वृश्चिक
• चंद्रमा – सिंह
• मंगल – धनु
• बुध – वृश्चिक
• गुरु – मिथुन
• शुक्र – वृश्चिक
• शनि – मीन
• राहु – कुंभ
• केतु – सिंह

यह ग्रहस्थिति कुछ राशियों के लिए लाभदायक और कुछ के लिए सामान्य परिणाम देने वाली मानी जा रही है।

राहुकाल, दिशा शूल और शुभ-अशुभ दिशा

राहुकाल: दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक — इस समय किसी भी शुभ कार्य का आरंभ टालना उत्तम माना जाता है।

दिशा शूल:
• आज दक्षिण और आग्नेय दिशा की यात्रा निषेध मानी गई है।
• यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो पूजन/प्रार्थना के बाद ही प्रस्थान करें।

आज का पर्व: भैरव अष्टमी

11 दिसंबर को भैरव अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। शास्त्रों में इस दिन भगवान भैरव की पूजा को विशेष फलदायी बताया गया है।
भैरवनाथ के भक्त आज उपवास, पूजन और रात्रि जागरण करते हैं। यह दिन नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और संकट निवारण का प्रतीक माना जाता है।

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