PAK Vs AFG: ‘MOM अवॉर्ड पाकिस्तान से अफगानिस्तान भेजे गए अफगानी लोगों को समर्पित’, क्या हैं इब्राहिम जादरान के इस बयान के मायने?

अफगानिस्तान ने एक बार फिर कमाल करते हुए वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर कर दिया। सोमवार को पाकिस्तान को 8 विकेट से रौंद अफगानिस्तान ने क्रिकेट फैंस के रोंगटे खड़े कर दिए। इस जीत में ओपनर इब्राहिम जादरान का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने 113 गेंदों में 10 चौके ठोक 87 रन जड़े। जादरान अफगानिस्तान की टीम को शानदार शुरुआत कर जीत के मुहाने पर ले गए। इसके बाद उन्हें इस पारी के लिए मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया। जादरान ने इस अवॉर्ड को पाकर बड़ा बयान दिया।

अफगानी लोगों को समर्पित

उन्होंने मैच प्रजेंटेशन में रमीज राजा के साथ बातचीत में कहा- ”यह मैन ऑफ द मैच पाकिस्तान से अफगानिस्तान वापस भेजे गए अफगानी लोगों को समर्पित है।” “मैं खुश हूं कि मैंने इस इवेंट में अच्छा प्रदर्शन किया। मैं सकारात्मक इरादे से खेलना चाहता था। कई बार गुरबाज और मैंने एक साथ शानदार साझेदारी की है। हमने अंडर-16 के दिनों से एक साथ बहुत क्रिकेट खेला है। मैं अपने लिए और अपने देश के लिए बहुत खुश महसूस कर रहा हूं।”

जादरान ने क्यों दिया ये बयान?

दरअसल, इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान सरकार ने अपने देश में बिना दस्तावेज के रह रहे हजारों अफगानी अप्रवासियों को लेकर कार्रवाई की थी। जिसने अफगानी अप्रवासी लोगों के बीच चिंता बढ़ गई। पाकिस्तान की इस कार्रवाई को लेकर बड़ी संख्या में अफगानी अप्रवासियों ने क्वेटा में यूएनएचसीआर ऑफिस के बाहर विरोध-प्रदर्शन भी किया था।

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पाकिस्तान सरकार ने बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों को देश न छोड़ने पर कारावास और निर्वासन का जोखिम उठाने के लिए समय सीमा निर्धारित करने की बात कही है। वहीं अफगानी लोगों का कहना है कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन की वजह से उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने अपने भविष्य को लेकर भी चिंता जताई है।

पाकिस्तान रिफ्यूजियों के लिए हॉटस्पॉट बना हुआ है। 1979 में सोवियत संघ के हमले के बाद करीब 50 लाख अफगानी लोगों ने देश छोड़ दिया था। जिसमें से ज्यादातर पाकिस्तान चले गए थे। शरणार्थी इसके बाद बड़ी संख्या में 2021 में पाकिस्तान पहुंचे, जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। आंकड़ों के अनुसार, करीब 13 लाख अफगानी शरणार्थियों ने पाकिस्तान में खुद को रजिस्टर करवा रखा है। संभवतया इब्राहित रिफ्यूजी लोगों का मुद्दा उठाना चाहते थे।

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