
नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) समेत विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में तेल्हाड़ा थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
पहले दिलाया आउटसोर्सिंग का काम, फिर जीता भरोसा
पुलिस जांच में सामने आया कि एकंगरसराय निवासी अमित कुमार ने पहले बिचौलियों की मदद से कुछ युवकों को सरकारी कार्यालयों में आउटसोर्सिंग के आधार पर काम दिलवाया। इससे लोगों का उस पर भरोसा बढ़ गया। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने दर्जनों लोगों से सरकारी स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए।
तीन महीने काम कराया, वेतन तक नहीं मिला
आरोप है कि जिन युवकों को आउटसोर्सिंग के जरिए काम पर लगाया गया था, उन्होंने करीब तीन महीने तक काम किया, लेकिन उन्हें कोई वेतन नहीं मिला। जब पीड़ितों ने संबंधित विभागों से संपर्क किया तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से तेल्हाड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी कर आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उससे पूरे ठगी नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
कई थानों में दर्ज हैं ठगी के मामले
तेल्हाड़ा थानाध्यक्ष अजीत कुमार टिंकू ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अन्य थाना क्षेत्रों में भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस सभी मामलों का सत्यापन कर रही है और पूरे गिरोह की तलाश जारी है।
“प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ अन्य थाना क्षेत्रों में भी नौकरी के नाम पर ठगी के मामले दर्ज हैं। यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।”
— अजीत कुमार टिंकू, थानाध्यक्ष
पीड़ितों ने की पैसे वापस दिलाने की मांग
इस ठगी से कई परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ितों ने प्रशासन से उनकी रकम वापस दिलाने और गिरोह के सभी सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
नालंदा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें। यदि कोई नौकरी दिलाने का दावा कर पैसे मांगता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने कहा कि ऐसे फर्जी गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


