पटना: शुक्रवार को बिहार विधान परिषद के बाहर विपक्षी दलों ने जमकर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान राबड़ी देवी ने डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर “वोट चोरी” का गंभीर आरोप लगाया।
“मशीन से वोट चोरी कर बनी सरकार”
राबड़ी देवी ने कहा कि मौजूदा सरकार जनता के जनादेश से नहीं बल्कि “वोट चोरी” के जरिए बनी है। उन्होंने आरोप लगाया, “बिहार की जनता ने महागठबंधन को वोट दिया था, लेकिन मशीनों के माध्यम से वोट चोरी कर लिया गया। यही खेल हरियाणा और महाराष्ट्र में भी हुआ है। यह सरकार विधायकों की खरीद-फरोख्त करके सत्ता में बनी हुई है।”
उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन को करीब 1 करोड़ 90 लाख वोट मिले थे, जबकि एनडीए को आधा भी समर्थन नहीं मिला। “हमारी जीत थी, लेकिन ये लोग चोरी से सरकार बना लिए,” राबड़ी देवी ने कहा।
विधायकों की खरीद-फरोख्त का लगाया आरोप
गुरुवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तेजस्वी यादव पर पैसा कमाने और विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाए जाने पर राबड़ी देवी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “50–50 करोड़ रुपये देकर विधायक खरीदे जा रहे हैं। नीतीश जी का आरोप पूरी तरह झूठा है। बिहार की जनता सब देख रही है, समय आने पर इसका हिसाब जरूर होगा।”
“सरकार किसान विरोधी”
विधान परिषद के बाहर विपक्ष ने धान खरीद, बोनस और किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर जोरदार हंगामा किया। राबड़ी देवी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने की बात करती है, लेकिन बिहार में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि रोड मैप के नाम पर बड़े घोटाले हो रहे हैं और किसानों का शोषण किया जा रहा है।
सदन के भीतर भी हंगामा
किसानों के मुद्दे पर सदन के भीतर भी विपक्ष आक्रामक रहा। धान खरीद पर बोनस देने और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलेगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।



