पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन विपक्ष ने किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार हंगामा किया। आरजेडी समेत विपक्षी दलों के विधायकों ने पोस्टर लेकर विधानसभा पोर्टिको में प्रदर्शन किया और सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियों के कारण किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। विपक्ष का कहना था कि किसान भूखे मरने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही।
प्रश्नकाल में सत्ता पक्ष के सवालों में उलझी सरकार
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष के विधायकों के सवालों पर सरकार असहज नजर आई। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई सवालों का जवाब प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी दे रहे थे, क्योंकि विभागीय मंत्री मंगल पांडे बंगाल चुनाव में व्यस्त हैं।
भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर, नीतीश मिश्रा, राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित कई सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी को लेकर सवाल उठाए, लेकिन मंत्री संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
ब्लड बैंक के सवाल पर गलत जवाब, अध्यक्ष को करना पड़ा हस्तक्षेप
ब्लड बैंक से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी गलत जानकारी पढ़ने लगे, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने उन्हें रोक दिया और सवाल को स्थगित कर दिया। कई मौकों पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को हस्तक्षेप कर सरकार का पक्ष रखना पड़ा।
मैथिली ठाकुर ने कहा—जमीनी हकीकत अलग
भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने अलीपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिया गया जवाब जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता।
उन्होंने कहा,
“मैं खुद वहां जाकर स्थिति देख चुकी हूं। स्वास्थ्य केंद्र जर्जर है, डॉक्टर नहीं हैं। सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।”
हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि वे काम के प्रति गंभीर रहे हैं और उम्मीद है कि सुधार होगा।
तीसरे दिन तेजस्वी–नीतीश में हुई थी तीखी बहस
इससे पहले तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी। तेजस्वी की टोका-टोकी पर मुख्यमंत्री ने कहा था—
“अरे बैठो ना, तुम अभी बच्चा हो, हल्ला मत करो।”


