तेहरान / वाशिंगटन, 2 मार्च 2026 — अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने गुरुवार को अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के पहले 24 घंटों का विस्तृत विवरण साझा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी की गई सूची में उन प्रमुख हथियारों और युद्ध प्रणालियों का जिक्र है, जिन्होंने ईरान की सुरक्षा संरचना को भारी क्षति पहुंचाई।
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर ने निभाई अहम भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत बी-2 स्टील्थ बॉम्बर रहा, जिसने सीधे अमेरिका से उड़ान भरी और रडार की नजरों से बचते हुए ईरान में महत्वपूर्ण ठिकानों पर भीषण बमबारी की। इन विमानों ने 2,000 पाउंड वजनी बमों का इस्तेमाल किया, जिससे जमीन के नीचे स्थित छिपे हुए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
साथ ही एफ-35 और एफ-22 स्टील्थ फाइटर जेट्स ने युद्धक्षेत्र में वायु प्रभुत्व कायम रखा और ईरानी सुरक्षा घेरे को पूरी तरह से भेद दिया।
समुद्र से आसमान तक तैनात अमेरिकी ताकत
सेंटकॉम ने कहा है कि इस हमले में न केवल हवाई बल्कि समुद्री शक्ति का भी प्रभावी उपयोग किया गया। खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर्स और मिसाइल-निर्देशित युद्धपोत तैनात हैं, जिन्होंने टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलों और अन्य आधुनिक प्रणालियों से ईरान की नौसैनिक संपत्ति और पनडुब्बियों को निशाना बनाया।
सुरक्षा के लिए अमेरिका ने पैट्रियट और THAAD जैसी एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों को भी हाई अलर्ट पर रखा है। इसके अलावा MQ-9 रीपर ड्रोन और P-8 निगरानी विमान लगातार सीमा पर नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का तुरंत पता लगाया जा सके।
ईरान के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सटीक हमले
पेंटागन ने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम नहीं, बल्कि उसकी मुख्य सैन्य क्षमताओं को बेदखल करना रहा।
निशाने पर रहे ये लक्ष्य:
- कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
- आईआरजीसी का संयुक्त मुख्यालय
- एयरोस्पेस फोर्सेज़ के प्रमुख ठिकाने
- बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण केंद्र
- एंटी-शिप मिसाइल बैटरी
हमलों में ईरान की हवाई सुरक्षा प्रणालियाँ और सैन्य संचार नेटवर्क भी भारी रूप से प्रभावित हुए हैं, जिससे उनकी सेना परंपरागत संचालन करने में असमर्थ हो गई है।
भविष्य की रणनीति — अमेरिका तैयार
सेंट्रल कमांड ने कहा है कि पहले चरण की सफलता के बाद आगे की रणनीति और भी व्यापक होगी।
उनका कहना है कि:
- सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130 जैसे भारी मालवाहक विमान लगातार हथियारों और रसद की आपूर्ति कर रहे हैं।
- एयर-टैंकर विमानों की सहायता से लड़ाकू स्टबलाइनों को लंबी अवधि तक मिशन पर बनाए रखा जा रहा है।
- कुछ गुप्त रणनीतिक क्षमता अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सेंटकॉम के अनुसार, “यह सिर्फ शुरुआत है, आने वाले समय में हम अपनी रणनीति को तेजी से आगे बढ़ाएंगे।”
दुनिया की निगाहें अमेरिका‑ईरान पर टिकी
वैश्विक स्तर पर विशेषज्ञ यह विश्लेषण कर रहे हैं कि अमेरिका का अगला कदम क्या होगा, और ईरान इस बड़े सैन्य नुकसान से कैसे उबर पाएगा।
साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि इस संघर्ष का क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीतिक प्रभाव क्या होगा।


