भागलपुर — भागलपुर जिले के नाथनगर स्थित बुनियाद केंद्र में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य समाज कल्याण विभाग से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाना है, ताकि लाभुकों को सरकारी सुविधाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इन सेवाओं का शुभारंभ समाज कल्याण विभाग के सचिव सह कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष द्वारा विभाग के सभागार से ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के अधिकारियों और सीएससी से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
इस अवसर पर कॉमन सर्विस सेंटर के जिला समन्वयक (डीसी) नाहिद अख्तर, जिला प्रबंधक तनवीर कर और सीएससी वीएलई अभय शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बताया गया कि बुनियाद केंद्र के माध्यम से अब कई महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी।
कई योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से समाज कल्याण विभाग से संबंधित कई योजनाओं के लिए आवेदन और सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, बैटरी चालित वाहन के लिए ऑनलाइन आवेदन, सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग के लिए आवेदन, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड के लिए आवेदन तथा आधार से जुड़ी विभिन्न सेवाएं शामिल हैं।
इन सेवाओं के शुरू होने से खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें विभिन्न योजनाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
लाभुकों को मुफ्त में मिलेंगी सेवाएं
सीएससी संचालक अभय शर्मा ने बताया कि बुनियाद केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सभी सेवाएं लाभुकों को निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। इससे समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में बड़ी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से लोगों को डिजिटल माध्यम से सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा।
लोगों को मिलेगा डिजिटल सुविधा का लाभ
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से नाथनगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को डिजिटल सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा। इससे सरकारी योजनाओं के आवेदन की प्रक्रिया आसान और तेज होगी तथा लाभुकों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की डिजिटल सेवाओं के विस्तार से सरकारी योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक सुनिश्चित की जा सकेगी और जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सकेगी।


