गोपालगंज में 94 हेडमास्टरों का कटा एक हफ्ते का वेतन

गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में 94 सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां सभी हेडमास्टरों पर APAAR ID Card बनाने में लापरवाही बरतने के आरोप में एक सप्ताह के वेतन में कटौती की है. शिक्षा विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद हेडमास्टरों के बीच हड़कंप का माहौल है.

94 हेडमास्टरों का कटा एक हफ्ते का वेतन 

गोपालगंज जिले के 94 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर आरोप है कि इनके द्वारा अपार आईडी (स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता पंजी) बनाने में लापरवाही बरती गई. जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा इन सभी प्रधानाध्यापकों को दो दिन के अंदर अपार आईडी बनाने के कार्य को शुरू करने का सख्त निर्देश दिया है.

अपार आईडी बनाने में की लापरवाही

बता दें कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत वर्ग एक से 12वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए 12 अंकों वाली अपार आईडी बनाने का पूर्व में निर्देश जारी किया गया था. इसको लेकर 19 से 25 नवंबर तक छात्रों का प्रोग्रेशन एवं अपार आईडी निर्माण की अंतिम तिथि निर्धारित की गई.

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने क्या कहा? 

इस बीच, बिहार शिक्षा विभाग के निर्देश के बावजूद, तय तिथि के बाद भी 94 विद्यालयों में अपार आईडी बनाने का कार्य शुरू भी नहीं किया गया. इस संदर्भ में जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि कार्य के प्रति लापरवाही, कार्य में रुचि नहीं लेना, उदासीनता एवं उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना को लेकर पत्र जारी किया गया है.

”94 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के एक सप्ताह के वेतन पर रोक लगाई गई है. साथ ही यह निर्देश दिया गया है कि दो दिन के अंदर शत-प्रतिशत छात्रों की अपार आईडी बनाने के कार्य को शुरू किया जाय. इस संबंध में कार्यालय को प्रतिवेदित करना सुनिश्चित करें. ऐसे नहीं होने पर अनुशासनिक कार्रवाई करने की सख्त चेतावनी भी दी गई.” – योगेश कुमार,जिला शिक्षा पदाधिकारी 

APAAR आईडी क्या है?

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि छात्र-छात्राओं के सर्टिफिकेट खो जाते हैं या फिर इधर उधर हो जाते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है. ऐसे में भारत सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अपार आईडी कार्ड पेश किया है.

अपार आईडी के फायदे 

अपार यानी ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री 12 नंबर की आईडी आपको मिलेगी. अपार आईडी (APAAR ID Card) की मदद से छात्रों को डिजिटल रूप में सारे सर्टिफिकेट एक जगह मिल पाएंगे. इस व्यवस्था के तहत हर छात्र का अपना अपार आईडी कार्ड होगा. जब छात्र अपने यूनिक नंबर को डालेगा तो एक क्लिक में उसका पूरा शैक्षणिक ब्यौरा सामने आ जाएगा.

अपार कार्ड बनाने में पिछड़ रहा बिहार 

बता दें कि बिहार में करीब पौने 2 करोड़ बच्चों का अपार आईडी बनना है. लेकिन 30 दिसंबर के आंकड़े चौंकाने वाले है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से 9 और 10 दिसंबर को अपार आईडी बनाने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद राज्य में 7 लाख के करीब अपार आईडी बनना बाकी है. ऐसे में स्कूल के प्रधानाध्यापकों की साफ नजर आ रही है.

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