भागलपुर। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार और जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में अंग संस्कृति भवन, भागलपुर संग्रहालय के प्रेक्षागृह में चल रहे तीन दिवसीय ‘वसंत पंचमी महोत्सव: वसंतोत्सव 2026’ के दूसरे दिन प्रदर्श कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन, जिला खेल पदाधिकारी जयनारायण कुमार एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मंच पर निर्णायक के रूप में डॉ. अभिषेक तुषार, पंडित नवीन यादव, पंडित राय प्रवीर, मिथिलेश कुमार और पंडित गोपाल कृष्ण मिश्रा उपस्थित रहे।
शास्त्रीय, लोक और वाद्य प्रस्तुतियों ने मोहा मन
युवा, किशोर और स्वतंत्र कलाकार वर्ग में 60 से अधिक प्रतिभागियों ने शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य, लोक गीत और वाद्य वादन में भाग लिया। कई कलाकारों ने लोक नृत्य की गैर-प्रतियोगी प्रस्तुतियां भी दीं।
नमन ने सितार वादन, वैभव और अमन ने तबला, दीक्षा ने कत्थक नृत्य, दिलजीत ने लोक गायन और बेबो ने शास्त्रीय गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कला तभी बचेगी, जब समाज जुड़ेगा – अंकित रंजन
जिला कला पदाधिकारी अंकित रंजन ने कहा कि कला और कलाकारों के लिए लगातार ऐसे आयोजन जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि जब आम लोग कला से जुड़ेंगे, तभी संस्कृति जीवित रहेगी। कला केवल कलाकारों के लिए नहीं, पूरे समाज के लिए है।
कल होगा आईटी प्रशिक्षण और ‘कला बाजार’ पर व्याख्यान
सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र और विजेताओं को 25 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। रविवार को दोपहर 12:30 बजे से कलाकारों के लिए बेसिक आईटी प्रशिक्षण और इसके बाद ‘कला बाजार’ विषय पर व्याख्यान आयोजित होगा।


