नए साल 2026 की शुरुआत बिहार की राजधानी पटना में आस्था और भक्ति के माहौल के साथ हुई। भीषण ठंड और घने कोहरे के बावजूद शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए मंदिरों की ओर रुख करते नजर आए।
महावीर मंदिर में 3 किलोमीटर लंबी कतार
पटना जंक्शन के समीप स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में सबसे अधिक भीड़ देखी गई। सुबह करीब 5 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई।
हनुमान जी के दर्शन के लिए 3 किलोमीटर से अधिक लंबी लाइन लग गई, जिसमें श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई भक्त देर रात से ही मंदिर परिसर और आसपास डटे हुए थे।
सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
- ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव जलाए गए
- महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था
- मीठापुर गोलंबर से महावीर मंदिर तक बैरिकेडिंग
- क्षेत्र में केवल पैदल आवागमन की अनुमति, वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद
प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती से दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी हुई है।
अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
महावीर मंदिर के अलावा पटना के कई अन्य प्रमुख मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।
- इस्कॉन मंदिर
- बांस घाट काली मंदिर
- दरभंगा हाउस काली मंदिर
- बेली रोड स्थित राजवंशी नगर हनुमान मंदिर
बेली रोड पर मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और प्रशासन यहां भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात नजर आया।
आस्था के आगे ठंड हुई बेअसर
कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे, हाथों में माला और प्रसाद लेकर धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। भक्तों का कहना है कि नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन से करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
नववर्ष पर 20 हजार किलो नैवेद्यम की तैयारी
महावीर मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस वर्ष विशेष तैयारी की गई है।
- लगभग 3 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
- 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार
- करीब 180 कारीगरों ने दिन-रात मेहनत कर प्रसाद तैयार किया
पूरे शहर में नए साल का पहला दिन भक्ति, श्रद्धा और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर वर्ष 2026 के लिए सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।


